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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 16, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

याज्ञवल्क्य आश्रम के विकास का होगा प्रयास

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Published: Sat, 16 Mar 2013 11:59 PM (IST)Updated: Sun, 17 Mar 2013 12:02 AM (IST)

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बिस्फी (मधुबनी), निप्र : प्रखंड क्षेत्र के जगवन गांव स्थित याज्ञवल्क्य मुनि आश्रम में एक दिवसीय याज्ञवल्क्य महोत्सव विजय लाल यादव की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। महोत्सव का उद्घाटन स्थानीय विधायक डा. फैयाज अहमद ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अपने उद्घाटन भाषण में डा. अहमद ने कहा कि बिस्फी की यह पवित्र भूमि अद्वितीय है। आज तक इस भूमि का विकास नहीं होने से हम शर्मसार हैं। विधायक ने कहा कि याज्ञवल्क्य आश्रम को पर्यटक स्थान में विकसित करने के लिए मैं हर संभव प्रयास करुंगा। उन्होंने अगले वर्ष इस महोत्सव को सुन्दर ढंग से आयोजित करने का भी आश्वासन दिया। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि पद से बोलते हुए पूर्व निदेशक ए.एन. शोध संस्थान पटना के डा. महेन्द्र नारायण कर्ण ने कहा कि उपनिषद वृहदारम्यक के दार्शनिक याज्ञवल्क्य हैं। उन्होंने राजा जनक के दरबार में तत्कालीन समस्त महान दार्शनिकों से शास्त्रार्थ कर अपने दर्शन को सर्वोच्च सिद्ध किया था। डा. (प्रो.) कृष्णकांत झा मयंक ने कहा कि सूत्र से प्राप्त शुक्ल यजुर्वेद संहिता के मुख्य आचार्य याज्ञवल्क्य हैं। कार्यक्रम में डा. सुरेश्वर झा, पंडित गणेशचन्द्र झा, डा. देव नारायण यादव, शिवशंकर यादव, सुभाष झा आदि भी अपना विचार व्यक्त किए। डा. जयनारायण गिरि इन्दु की अध्यक्षता में एक कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया। पंचायत मुखिया कुलेश सिंह एवं श्यामल श्रीवास्तव ने आगतों का स्वागत किया। मंच संचालन शत्रुघ्न ठाकुर ने किया।

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