मधेपुरा। उदाकिशुनगंज के राजनंदन कला भवन में रविवार को बुनकरों के उत्थान के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में उद्योग विभाग के अधिकारी, एसडीओ, बीडीओ मौजूद रहे। कार्यशाला में अधिकारी बुनकरों की समस्याओं से अवगत हुए। वहीं अधिकारियों ने बुनकरों को हस्तकरघा उद्योग के लिए मदद किए जाने की बात कही। बुनकरों को अब हैंडलूम की जगह पावरलूम काम करने के लिए मिलेगा। पावरलूम के लिए 15 हजार, शेड के लिए 40 हजार और कार्यशैली के लिए पांच हजार की मदद मिलेगी। यद्यपि रामपुर बुनकर समिति के अध्यक्ष रहे ¨सकेदर अंसारी ने मदद की राशि को अपेक्षाकृत कम बताया। जहां जिला उद्योग केंद्र के परियोजना प्रबंधक मुकेश कुमार ने व्यवस्था का हवाला दिया। परियोजना प्रबंधक मुकेश कुमार ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के बारे में लोगों को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम महत्वपूर्ण निर्णय सरकार का है। परियोजना की अधिकतम राशि 25 और 10 लाख रुपये है। विनिर्माण क्षेत्र के लिए 10 लाख और सेवा क्षेत्र के लिए पांच

लाख की अधिक परियोजना के लिए आठवीं कक्षा उत्तीर्ण होना जरूरी है। दस और छह दिवसीय प्रशिक्षण अनिवार्य बताया गया। ईडीपी पूरा होने पर वित्तीय बैंक द्वारा ऋण की पहली किश्त जारी होगा। पूर्व में दो सप्ताह का प्रशिक्षण ले चुके व्यक्तियों को छूट मिलेगी। इसके लिए आवश्यक दस्तावेज के साथ खादी और ग्रामोद्योग के बेवसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के लिए आधार कार्ड जरूरी है। इस मौके पर एसडीएम एसजेड हसन, बीडीओ मुर्शीद अंसारी, उद्योग विस्तार पदाधिकारी दिनेश कुमार शर्मा, जितेंद्र कुमार, बुनकर समिति के अध्यक्ष ¨सकेदर अंसारी, पूर्व प्रमुख प्रमोद महतो, मंजौरा मुखिया मनोज भारती, जौतेली मुखिया प्रतिनिधि बबलू ¨सह व बुनकर मौजूद थे।

Posted By: Jagran

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