मधेपुरा। विपक्षी पार्षदों ने मुख्य पार्षद के चुनाव की तिथि निर्धारित नहीं होने पर सोमवार को शहर में प्रतिरोध मार्च निकाला। प्रतिरोध मार्च में वार्ड पार्षद के अलावा ई-रिक्शा संघ ने अपनी भागीदारी निभाई। प्रतिरोध मार्च के दौरान जिला प्रशासन व बिहार चुनाव आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पूर्व मुख्य पार्षद निर्मल देवी के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में महिला कार्यकर्ताओं ने मजबूती के साथ अपनी भागीदारी निभाई। दूसरी ओर लगातार तीन दिन से कार्यालय का मुख्य द्वार बंद रहने के कारण नप का कार्य पूरी तरह ठप रहा। इससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। लोगों को संबोधित करते हुए निर्मला देवी ने कहा कि छह अगस्त से मुख्य पार्षद का पद रिक्त है, लेकिन अभी तक चुनाव की तिथि निर्धारित नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले में जिला प्रशासन भ्रष्ट आचरण के साथ काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि तकनीकि त्रूटि होने पर 11 सितंबर को डीएम से मिले, उसके बाद 13 सितंबर को पत्र चुनाव आयोग को दिया गया। लेकिन अभी तक आयोग का काई जवाब नहीं आया है। इससे माना जाएगा कि लोकतंत्र प्रणाली को ध्वस्त करने की कोशिश की जा रही है। पार्षद कंचन कुमारी ने कहा कि हम सभी पार्षद चुनाव आयोग के कार्यकलाप से दुखी हो गए हैं। आयोग पूरी तरह से मनमानी का रवैया अपनाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को अगर लगता है कि छह अगस्त को नगर परिषद की विशेष बैठक अवैध था तो उसे रद करते हुए पुन: चुनाव प्रक्रिया की जाए। वहीं अगर चुनाव वैद्य है तो तो अभिलंब मुख्य पार्षद के चुनाव की तिथि निर्धारित की जाए। पार्षद अशोक कुमार सिन्हा ने कहा कि नप में विकास कार्य ठप है। प्रधानमंत्री आवास योजना समेत अन्य योजना मृत प्राय हो गया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि चुनाव आयोग व जिला प्रशासन इसी तरह गैरजिम्मेदार बना रहा तो हमलोग सीधे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। मौके पर रतन देवी, सुप्रिया कुमारी, कंचन कुमारी, कुमारी विनीता भारती, अभिलाषा कुमारी, उषा देवी, अहिल्या देवी, अनमोल कुमार, नारायण पाती, रेखा देवी, सीमा देवी, अशोक कुमार यादव, रीता कुमारी, चंद्रकला देवी, रेखा देवी समेत अन्य पार्षद मौजूद थे।

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