मधेपुरा। उदाकिशुनगंज प्रखंड के गोपालपुर गांव में कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर आयोजित तीन दिवसीय मेला के अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम का उद्घाटन विधि एवं लघु सिचाई मंत्री नरेंद्र नारायण यादव ने किया। मौके पर उन्होंने कहा कि इस गांव में मेला लगाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। इस गांव का मेला दूर दूर तक प्रचलित है। कार्तिक पूर्णिमा पर बिहार का सबसे बड़ा मेला यहां लगता है। वह खुद बचपन में अपने गांव से पांव पैदल चलकर यहां मेला देखने आया करते थे। निश्चित रूप से गोपालपुर गांव का कार्तिक मंदिर पर्यटक स्थल रूप में विकसित होगा। वह इसके लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि विधायक मद की राशि से मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण के लिए स्वीकृति मिल गई। जिस पर शीघ्र काम होगा। उन्होंने कहा कि बाड़ाटेनी चौक से चकफजूला गांव की सड़क का जीर्णोद्धार होगा। इसके लिए योजना बन गई है। उन्होंने कहा कि गरीबों की मदद करना,उनके दुख का समाधान करना मानव जीवन का सबसे बड़ा पुण्य कार्य होता है। मंत्री यादव ने धर्म ग्रंथों का चर्चा करते हुए कई उदाहरण देते इससे सिख लेने की आग्रह किया। साथ ही उन्होंने कहा कि मेला से एकता व भाईचारा कायम होता है। मंत्री ने सांस्कृतिक कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि सांस्कृतिक को जिदा रखने,समाज में हो रहे कृतियां को समाप्त करने एवं दो समुदायों के बीच आपसी भाईचारा बरकरार रखने के लिए मेला का आयोजन किया जाना बहुत जरुरी है। ताकि समाज में एक अच्छा पैगाम जाए और समाज के लोग अमन चैन से रहे। कार्यक्रम का मंच संचालन जदयू प्रखंड अध्यक्ष जनार्धन राय ने किया। मौके पर मेला कमेटी के अध्यक्ष निशिकांत उर्फ संजीव,जदयू जिला महासचिव सुनील मंडल, आलमनगर जदयू प्रखंड अध्यक्ष चंद्रशेखर सिंह,पूर्व मुखिया बैजनाथ ऋषिदेव,पूर्व सरपंच घनश्याम पटेल,फोटो पटेल,विनोद राय, प्रमोद राय, यशवंत कुमार,बबलू यादव,संजय मंडल,प्रदीप मंडल सहित अन्य लोग मौजूद थे।

Posted By: Jagran

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