मधेपुरा। घर की दहलीज पार कर मत का ताकत दिखाने में खासकर ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं अव्वल रही। नारी सशक्तीकरण की यह झलक शहरी क्षेत्र के शिक्षित और जागरूक महिलाओं के सशक्त होने के दावा पर भी विराम लगा दिया है। आधी आबादी की यह सजगता आने वाले दिनों में दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत में मिशाल बनने की राह पकड़ ली है।  प्रखंड क्षेत्र में महिला मतदाताओं ने चुनाव में हिस्सा लेकर पुरूष मतदाताओं से बढ़-चढ़कर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। महिलाओं को मतदान केंद्र की ओर आकर्षित करने के लिए चुनाव आयोग के निर्देशानुसार स्थानीय प्रशासन ने प्रखंड क्षेत्र के सभी मतदान केंद्रों पर महिला मतदान कर्मियों की तैनाती कर एक सकारात्मक पहल किया है। यही कारण रहा कि शहरी से लेकर ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं ने अपने मत का प्रयोग मजबूती के साथ बढ़-चढ़कर किया। मतदान केंद्र पर घंटों कतार में खड़ी होकर महिलाओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर अपने मत की महत्ता का लोहा मनमाने में काफी हद तक सफल रही। मतदान केंद्रों पर महिलाओं की लगी लंबी कतारें प्रखंड क्षेत्र में नया रिकार्ड बनाया है। प्रखंड क्षेत्र के लगभग सभी मतदान केंद्रों पर अपने मताधिकार का प्रयोग करने में दोपहर तक पुरूष मतदाताओं की अपेक्षा महिलाओं का दबदबा बना रहा। अपने मनमाफिक प्रतिनिधि चुनकर मनपंसद सरकार बनाने का जज्बा महिला मतदाताओं में देखते ही बनती थी।

Posted By: Jagran