मधेपुरा। प्रखंड के लक्ष्मीपुर चंडीस्थान के केवटगामा गांव में जल्द ही शमशान का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए जमीन चिन्हित करने का निर्देश एसडीओ वृंदालाल ने सीओ को दिया है। गरीबों को दो गज जमीन नहीं, घर में दफना दिया शव शीर्षक से जागरण में खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासनिक हलचल तेज हो गई। उकसे बाद एसडीओ बुधवार को गांव पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। मालूम हो कि केवटगामा टोला में 265 परिवारों में से 230 परिवार एससी-एसटी समुदाय से आते हैं। परिवार को बास के तीन डिसमिल जमीन के आलावा कुछ भी उपलब्ध नहीं है। इस कारण घर में किसी के मौत होने पर लोग शव को आर्थिक तंगी के कारण जला नहीं पाते हैं। जबकि जमीन नहीं रहने के कारण दफनाने में भी परेशानी होती है। फलाफल घर में ही शव को दफनाने की मजबूरी बन गई है। गांव के लोग मुलभूत सुविधाओं से भी वंचित हैं। इसके आलावा मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के तहत गली-नाली अथवा स्वच्छ जल-नल योजना नहीं पहुंच सका है। पंचायत के पूर्व मुखिया बेचन ऋषिदेव के अनुसार अनुसूचित जाति जनजाति कल्याण मंत्री डॉ.रमेश ऋषिदेव सहित सांसद रंजीत रंजन एवं सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव का गृह प्रखंड रहते हुए भी किसी ने यहां के लोगों पर ध्यान नहीं दिया। वहीं एसडीओ ने स्थिति का जायजा लिया साथ ही मौके पर सीओ को सरकारी जमीन चिन्हित करने का निर्देश दिया। साथ ही अन्य समस्याओं के समाधान का भी भरोसा दिलाया।

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शमशान निर्माण की उठी मांग

राजद महादलित प्रकोष्ठ अध्यक्ष सह पूर्व पंसस योगेन्द्र ऋषिदेव, अनुसूचित जाति जनजाति सेवा संसथान के सचिव रामचंद्र ऋषिदेव, पूर्व वार्ड सदस्य जीतन ऋषिदेव, वार्ड सदस्य पार्वती देवी, बैसाखी ऋषिदेव, सरपंच प्रतिनिधि सचेन्द्र यादव, टोला शिक्षा स्वयं सेवक भोला ऋषिदेव, अरविन्द ऋषिदेव ने शमशान निर्माण के लिए सरकारी भूमि उपलब्ध कराने की मांग किया है।

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Posted By: Jagran