कुख्यात विक्की मेहता हत्याकांड में पूर्णिया का मोस्ट वांटेड अखिलेश यादव समेत 4 गिरफ्तार; मधेपुरा में वर्चस्व और रंजिश में मारी थीं 10 गोलियां
Madhepura Vicky Mehta Murder Case: मधेपुरा में कुख्यात विक्की मेहता हत्याकांड की गुत्थी पुलिस ने चार दिन में सुलझा ली ...और पढ़ें
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Madhepura Vicky Mehta Murder Case: विकास कुमार उर्फ विक्की मेहता की हत्या हो गई है।
HighLights
विक्की मेहता हत्याकांड की गुत्थी चार दिन में सुलझी।
पूर्णिया का मोस्ट वांटेड अखिलेश यादव गिरफ्तार हुआ।
वर्चस्व और पुरानी रंजिश में हुई थी हत्या।
जागरण संवाददाता, मधेपुरा। Madhepura Vicky Mehta Murder Case: पुरैनी थाना क्षेत्र के नया टोला चौक के समीप स्टेट हाईवे पर कुख्यात विकास कुमार उर्फ विक्की मेहता (35) की सरेराह गोलियों से भूनकर की गई हत्या मामले की गुत्थी पुलिस ने चार दिन के भीतर सुलझा ली है।
मधेपुरा पुलिस ने स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की मदद से चलाए गए संयुक्त ऑपरेशन में पूर्णिया जिले के मोस्ट वांटेड कुख्यात अखिलेश कुमार यादव समेत चार शातिर अपराधियों को गिरफ्तार करने में बड़ी कामयाबी हासिल की है। इनके पास से हत्या में प्रयुक्त एक देसी कट्टा और तीन जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं।
गुरुवार की दोपहर समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में प्रेस वार्ता कर हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक (एसपी) संदीप सिंह ने बताया कि 14 सितंबर की शाम पुरैनी थाना क्षेत्र के नया टोला चौक स्थित स्टेट हाईवे 58 पर बाइक सवार शूटरों ने साजिश के तहत नरदह पंचायत की मुखिया रीता देवी के देवर विक्की मेहता को गोलियों से छलनी कर दिया था।
मुखिया के फर्दबयान पर नामजद और अज्ञात अपराधियों के खिलाफ हत्या और आर्म्स एक्ट का केस दर्ज किया गया था। त्वरित कार्रवाई के लिए उदाकिशुनगंज एसडीपीओ के नेतृत्व में 12 सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था।
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एसटीएफ की मदद से धरे गए शूटर, स्वीकार किया जुर्म
एसआईटी ने तकनीकी सर्विलांस और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर बुधवार को ताबड़तोड़ छापेमारी करते हुए पुरैनी के बघरा निवासी ललन कुमार उर्फ शेतु (21), नयाटोला निवासी राजेंद्र मंडल के पुत्र श्रीधर मंडल (55), चौसा के रसलपुर धुरिया निवासी नीतीश कुमार (20) और पूर्णिया जिले के रघुवंशनगर थाना क्षेत्र स्थित मोजमपट्टी निवासी कुख्यात अखिलेश कुमार यादव (40) को गिरफ्तार कर लिया।
मधेपुरा के बहुचर्चित विक्की मेहता हत्याकांड का 4 दिन में उद्भेदन; एसटीएफ के सहयोग से गठित 12 सदस्यीय एसआईटी ने की कार्रवाई
पूर्णिया के मोस्ट वांटेड अखिलेश कुमार यादव, ललन उर्फ शेतु, श्रीधर मंडल और नीतीश कुमार गिरफ्तार; कट्टा व तीन कारतूस बरामद
एसपी संदीप सिंह के अनुसार- इलाके में वर्चस्व, पुरानी रंजिश और विक्की के बढ़ते सियासी व आपराधिक दबदबे को लेकर रची गई थी साजिश
14 सितंबर की शाम स्टेट हाईवे 58 पर 8 गोलियां मारकर की गई थी हत्या; मृतक विक्की पर भी 3 मुखियाओं के मर्डर समेत दर्ज थे 17 केस
एसपी ने बताया कि पूछताछ के दौरान गिरफ्तार अपराधियों ने विक्की मेहता की हत्या की बात कबूल कर ली है। उन्होंने स्वीकार किया कि इलाके में विक्की मेहता का आपराधिक और राजनीतिक प्रभाव तेजी से बढ़ रहा था। इसी वर्चस्व की होड़ और पुरानी अदावत के कारण उसकी सुपारी देकर और योजनाबद्ध तरीके से हत्या की गई। बरामद हथियार को लेकर अभियुक्तों के खिलाफ अलग से आर्म्स एक्ट की प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पूर्णिया के मोस्ट वांटेड अखिलेश पर दर्ज हैं कई संगीन केस
गिरफ्तार अपराधियों में शामिल अखिलेश कुमार यादव पूर्णिया जिले का शातिर और इनामी बदमाश रहा है। वह कोसी-सीमांचल के कुख्यात बुचन यादव पर जानलेवा हमले समेत हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, विस्फोटक अधिनियम और आर्म्स एक्ट के चार बड़े मामलों में रघुवंशनगर थाने में वांछित था।
कांड संख्या 111/21: धारा 411/34 और 25(1-बी)ए/26/35 आर्म्स एक्ट
कांड संख्या 119/20: धारा 147/148/149/307/506, आर्म्स एक्ट व एससी-एसटी एक्ट
कांड संख्या 10/21: धारा 302 (हत्या), 307 (हत्या का प्रयास), 120बी (साजिश) व आर्म्स एक्ट
कांड संख्या 39/19: धारा 307, 120बी, 27 आर्म्स एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम
फेसबुक पर दी जा रही थी धमकी, 5 नामजद पर केस दर्ज
मृतक की भाभी सह नरदह पंचायत की मुखिया रीता कुमारी के आवेदन पर पुलिस ने बिहारीगंज के गोरपार निवासी दुर्गा यादव, उदाकिशुनगंज के शाकिब, नीतीश राणा, नयाटोला निवासी पूर्व व्यापार मंडल अध्यक्ष अमित कुमार उर्फ लाल और पुरैनी के गुड्डू यादव को नामजद किया है। इसके अलावा 8-10 अज्ञात को भी आरोपी बनाया गया है। परिजनों का आरोप है कि हत्याकांड से पहले आरोपियों द्वारा फेसबुक पर लगातार जान से मारने की धमकियां दी जा रही थीं। पुलिस नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
3 मुखियाओं की हत्या का आरोपी था विक्की, दर्ज थे 17 संगीन मामले
मृतक विक्की मेहता का खुद का आपराधिक इतिहास बेहद खौफनाक रहा है। पिछले दो दशकों से वह इलाके में खौफ का पर्याय बना हुआ था। वर्ष 2005 में वंशगोपाल पंचायत के मुखिया उदय नारायण यादव हत्याकांड से अपराध की दुनिया में कदम रखने वाले विक्की पर 2019 में नरदह के पूर्व मुखिया अनिल यादव और 2022 में हरेली के पूर्व मुखिया लाल यादव की हत्या का सीधा आरोप था।
उसके खिलाफ मधेपुरा के पुरैनी थाने में 11, सिंहेश्वर में 3, उदाकिशुनगंज में 2, ग्वालपाड़ा में 1 और पूर्णिया के रूपौली थाने में 1 यानी कुल 17 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे, जिनमें रंगदारी, डकैती, आर्म्स एक्ट और दुष्कर्म जैसे मामले शामिल हैं। उस पर बिहार अपराध नियंत्रण अधिनियम (सीसीए) लगाने का प्रस्ताव भी भेजा गया था। 14 सितंबर को तीन बाइकों पर सवार शूटरों ने पंचायत सरकार भवन से दौड़ा-दौड़ा कर उस पर 10 गोलियां दागी थीं, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई थी।
पीड़ित परिवार से मिले विधानसभा उपाध्यक्ष, कहा- अपराधी क्षमा योग्य नहीं
विक्की मेहता की हत्या के बाद मंगलवार की संध्या को बिहार विधानसभा के उपाध्यक्ष सह स्थानीय विधायक नरेंद्र नारायण यादव शोकाकुल परिजनों से मिलने योगीराज स्थित उनके आवास पहुंचे। उन्होंने मृतक के पिता, भाभी सह मुखिया रीता कुमारी सहित परिजनों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया और घटना की बिंदुवार जानकारी ली। दुख की इस घड़ी में परिवार से धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए विधानसभा उपाध्यक्ष ने कहा कि सरेराह ऐसी जघन्य वारदात को अंजाम देने वाले अपराधी किसी भी सूरत में क्षमा के योग्य नहीं हैं।

उन्होंने परिजनों को आश्वस्त करते हुए कहा कि वे स्वयं वरीय पुलिस पदाधिकारियों से बात कर निष्पक्ष व त्वरित अनुसंधान कराएंगे, ताकि हत्याकांड में शामिल सभी साजिशकर्ताओं और शूटरों की अविलंब गिरफ्तारी सुनिश्चित हो सके। उन्होंने पीड़ित परिवार को हरसंभव प्रशासनिक व कानूनी सहयोग का भरोसा दिलाया। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय पार्टी कार्यकर्ता, समर्थक और ग्रामीण मौजूद रहे।
