30 मिनट में राख हो गईं 16 दुकानें, संकरी गली में जूझी फायर ब्रिगेड, मधेपुरा में 1 करोड़ का नुकसान; फफक पड़े दुकानदार
मधेपुरा के बिहारीगंज में तड़के भीषण अग्निकांड में 16 दुकानें जलकर राख हो गईं, जिससे एक करोड़ से अधिक का ...और पढ़ें

Madhepura Fire News: बिहारीगंज मुख्य बाजार में भीषण अगलगी, 16 दुकानें जलकर खाक; एक करोड़ से अधिक की संपत्ति स्वाहा
HighLights
बिहारीगंज में तड़के लगी आग, 16 दुकानें जलीं।
अग्निकांड में एक करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ।
संकरी गली से दमकल को आग बुझाने में दिक्कत हुई।
संवाद सूत्र, बिहारीगंज (मधेपुरा)। बिहारीगंज मुख्य बाजार स्थित जेनरल हाट के समीप चंदा सिनेमा वाली संकरी गली में बुधवार तड़के भीषण अग्निकांड हो गया। लगभग 3:00 बजे अचानक भड़की आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और महज 30 मिनट के भीतर एक के बाद एक 16 दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। इस भीषण हादसे में करीब एक करोड़ से अधिक मूल्य की व्यावसायिक संपत्ति, नकदी व माल जलकर पूरी तरह राख हो गया। घटना में 14 दुकानें पूरी तरह जलकर खाक हो गईं, जबकि दो दुकानों को आंशिक क्षति पहुंची है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग की लपटें सबसे पहले नंदन कुमार झा की मसाला मिल से उठती देखी गईं। कयास लगाया जा रहा है कि हादसा शॉर्ट सर्किट की वजह से हुआ, हालांकि आग लगने के वास्तविक कारणों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
संकरी गली में दमकल को पहुंचने में भारी मशक्कत
भोर में करीब 3:30 बजे जब आग की ऊंची लपटें और धुएं का गुबार उठा, तब आसपास के सोए लोगों की नींद खुली। चीख-पुकार सुनकर भारी भीड़ जुट गई, लेकिन बिजली आपूर्ति चालू रहने से लोग पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा सके। स्थानीय लोगों की सूचना पर बिजली आपूर्ति ठप कराई गई।
बिहारीगंज मुख्य बाजार की चंदा सिनेमा गली में तड़के 3 बजे लगी आग, 14 दुकानें पूरी तरह और 2 आंशिक रूप से खाक
शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका; बिहारीगंज, उदाकिशुनगंज, पुरैनी व आलमनगर से पहुंची दमकल की 6 गाड़ियों ने पाया काबू
संकरी गली के कारण घटनास्थल तक बड़े अग्निशामक वाहन पहुंचने में हुई भारी मशक्कत; 3 घंटे चला रेस्क्यू
मुआवजे की मांग को लेकर पीड़ितों ने जवाहर चौक पर लगाया जाम, सीओ और थानाध्यक्ष के आश्वासन पर शांत हुआ आक्रोश
बिहारीगंज दमकल टीम तत्काल मौके पर पहुंची, लेकिन आग की भयावहता को देखते हुए उदाकिशुनगंज, आलमनगर और पुरैनी से भी अग्निशामक वाहनों को बुलाना पड़ा। गली अत्यंत संकरी होने के चलते बड़े दमकल वाहनों को अंदर ले जाने में खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। दमकल की दो बड़ी और चार छोटी गाड़ियों के जरिए कर्मियों ने करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुबह आग पर पूरी तरह काबू पाया। समय पर नियंत्रण होने से आसपास की 25 से 30 अन्य दुकानें चपेट में आने से बच गईं।
किस दुकानदार को कितना नुकसान (अनुमानित)
नंदन कुमार झा (मसाला मिल): ₹20 लाख
अशोक गुप्ता (कपड़ा दुकान): ₹10 लाख
शंकर गुप्ता (कपड़ा दुकान): ₹10 लाख
पवन गुप्ता (कपड़ा दुकान): ₹10 लाख
ओमप्रकाश झा (कपड़ा दुकान): ₹08 लाख
गौरव गोस्वामी (मनिहारा दुकान): ₹08 लाख
श्रीकांत साह (मनिहारा दुकान): ₹08 लाख
सूरज साह (मोबाइल दुकान): ₹07 लाख
पप्पू दास (मनिहारा दुकान): ₹07 लाख
संजय गुप्ता (कपड़ा दुकान): ₹06 लाख
पिंटू स्वर्णकार (आभूषण दुकान): ₹05 लाख
मनीष गुप्ता (कपड़ा दुकान): ₹05 लाख
रूपेश साह (मोबाइल व कंप्यूटर): ₹05 लाख
शुभम दास (कपड़ा दुकान): ₹02 लाख
राहुल कुमार सिंह (मोबाइल दुकान): ₹50 हजार (आंशिक)
किशन कुमार (चप्पल दुकान): ₹50 हजार (आंशिक)
आंख के सामने राख हो गई जीवनभर की पूंजी
अगलगी की इस घटना में मसाला मिल, आधा दर्जन कपड़े व रेडीमेड गारमेंट्स, आभूषण, मनिहारा, जूता-चप्पल, मोबाइल-कंप्यूटर व आटा चक्की की दुकानें धू-धू कर जल गईं। सुबह जब सूचना पाकर दुकानदार बदहवास हालत में पहुंचे, तो वहां केवल राख का ढेर और धुआं बचा था। अपनी आंखों के सामने जीवनभर की पूंजी और रोजी-रोटी का जरिया जलता देख पीड़ित व्यवसायी व उनके परिजन फफक कर रो पड़े।
सड़क जाम कर मुआवजे की मांग, प्रशासन ने दिया आश्वासन
हादसे से मर्माहत और आक्रोशित दुकानदारों ने जवाहर चौक पर पहुंचकर करीब आधे घंटे के लिए मुख्य मार्ग जाम कर दिया। वे तत्काल सरकारी सहायता और उचित मुआवजे की मांग कर रहे थे। सूचना मिलते ही अंचलाधिकारी (सीओ) अविनाश कुमार और थानाध्यक्ष लवकुश कुमार दल-बल के साथ पहुंचे और पीड़ितों को समझा-बुझाकर जाम समाप्त कराया। इसके बाद प्रशासनिक टीम ने घटनास्थल का मुआयना कर नुकसान का जायजा लिया।
"अग्निकांड स्थल का भौतिक निरीक्षण किया गया है। प्रारंभिक आकलन में 14 दुकानें पूरी तरह जलकर नष्ट हुई हैं। तात्कालिक राहत के तौर पर सभी पीड़ितों को प्लास्टिक शीट्स उपलब्ध कराई गई हैं। क्षति का विस्तृत विवरण तैयार कर वरीय पदाधिकारियों को भेजा जा रहा है। दुकानों के नुकसान की भरपाई मुख्य रूप से बीमा के आधार पर किए जाने का विभागीय प्रावधान है।"
