'तुम मुझे छोड़ गई ना... अब जिंदा रहके क्या करूंगी': नवजात बेटी की मौत के सदमे में मां ने फंदे से लटककर दे दी जान
मधेपुरा के बिहारीगंज में नवजात बेटी की मौत के सदमे में एक मां ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सात ...और पढ़ें

बिहारीगंज मुख्य बाजार स्थित शास्त्री चौक की मार्मिक घटना; सप्ताह भर पूर्व अस्पताल में तोड़ा था नवजात ने दम
HighLights
मधेपुरा में नवजात बेटी की मौत से मां ने की आत्महत्या।
सात दिन पहले बच्ची की मृत्यु से मां थी अवसाद में।
बिहारीगंज में फंदे से लटका मिला विवाहिता का शव।
संवाद सूत्र, बिहारीगंज (मधेपुरा)। "तुम मुझे यूं अचानक अकेला छोड़कर चली गई ना बिटिया... अब मैं तेरे बिना इस दुनिया में जिंदा रहके क्या करूंगी।" कुछ ऐसे ही अंतहीन दर्द, ममता के विलाप और गहरे अवसाद में डूबी एक बेबस मां ने अपनी नवजात बच्ची के वियोग में खुद की जीवन लीला समाप्त कर ली। मधेपुरा जिले के बिहारीगंज मुख्य बाजार अंतर्गत शास्त्री चौक स्थित स्टेट बैंक शाखा के सामने बने एक आवासीय मकान में सोमवार की सुबह उस वक्त मातमी सन्नाटा पसर गया, जब 31 वर्षीय विवाहिता का शव फंदे से लटकता हुआ पाया गया। मृतका की पहचान धर्मेंद्र कुमार साह की पत्नी राधा कुमारी के रूप में की गई है।
दिल को झकझोर देने वाली इस घटना की सूचना मिलते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई और आसपास के लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल मधेपुरा भेज दिया।
सात दिन पहले बुझ गया था घर का नन्हा चिराग
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बिहारीगंज शास्त्री चौक निवासी बुच्चन साह के पुत्र धर्मेंद्र कुमार साह की शादी वर्ष 2018 में अररिया जिले के सैफगंज निवासी कमलू साह की पुत्री राधा कुमारी के साथ पूरे रीति-रिवाज से हुई थी। वैवाहिक जीवन सुखमय चल रहा था और दंपती की पांच वर्ष की एक बड़ी बेटी भी है।
परिजनों ने बताया कि हाल ही में राधा ने अपनी दूसरी बेटी को जन्म दिया था। घर में खुशियों का माहौल था, लेकिन अचानक बच्ची की तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ गई। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां जिंदगी और मौत से जूझने के बाद करीब एक सप्ताह पूर्व उस मासूम नवजात ने दम तोड़ दिया।
नवजात की मौत के बाद मानसिक तनाव में थी मां
अपनी गोद उजड़ जाने के बाद से राधा मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुकी थी। वह दिन-रात अपनी नवजात बच्ची की यादों में खोई रहती थी और बार-बार रोते हुए अपनी जान देने की बातें किया करती थी। परिजनों ने उसे ढांढस बंधाने का भरसक प्रयास किया, मगर वह इस असहनीय आघात को बर्दाश्त नहीं कर सकी।
सोमवार की सुबह करीब सात बजे जब उसके कमरे का दरवाजा काफी देर तक अंदर से बंद रहा और कोई आहट नहीं मिली, तो परिवार को अनहोनी की आशंका हुई। दरवाजा खोलने पर राधा का शव फंदे से लटकता मिला। घर में कोहराम मचते ही आसपास के लोग जमा हो गए। घटना की खबर पाकर मृतका की मां और मायके वाले भी अररिया के सैफगंज से बदहवास हालत में बिहारीगंज पहुंचे।
"शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा गया है। ससुराल पक्ष के अनुसार नवजात बच्ची की मौत के बाद महिला मानसिक तनाव में थी। फिलहाल किसी भी पक्ष से कोई लिखित आवेदन नहीं मिला है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और परिजनों के बयान के आधार पर आगे की आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"
