छठ पूजा की तैयारी में डूबा मधेपुरा बाजार, सूप-दौरा और नारियल की बिक्री तेज
मधेपुरा में लोक आस्था के महापर्व छठ की तैयारियां शुरू हो गई हैं, बाजार में सूप, दौरा और नारियल जैसी ...और पढ़ें

दौरा और नारियल की बिक्री शुरू। फोटो जागरण
HighLights
मधेपुरा बाजार में छठ पूजा की रौनक शुरू।
सूप, दौरा, नारियल की बिक्री अभी से तेज।
श्रद्धालु कीमतों से बचने को कर रहे अग्रिम खरीदारी।
संवाद सहयोगी, मधेपुरा। नवरात्र समाप्त होते ही लोक आस्था के महापर्व छठ की तैयारी शुरू हो गई है। शहर का बाजार धीरे-धीरे छठ के रंग में रंगने लगा है। मुख्य चौक-चौराहों पर छठ पूजा में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की दुकानें सजने लगी है।
बाजार में सूप, दौरा एवं नारियल की बिक्री शुरू हो गई है। छठ पर्व में अभी करीब 17 दिन शेष है, लेकिन श्रद्धालु अभी से ही खरीदारी में जुट गए हैं।
लोगों का कहना है कि छठ पर्व नजदीक आने पर पूजन सामग्री की कीमतें बढ़ जाती है। ऐसे में अभी से खरीदारी कर लेने से खर्च कम हो सकता है।
जरूरत के अनुसार सूप, दौरा व नारियल की खरीदारी
छठ पर्व को लेकर शहर के बाजार में रौनक बढ़ने लगी है। दुकानदारों ने अपनी दुकानों एवं सड़कों के किनारे सूप व दौरा सजाकर रखना शुरू कर दिया है।
वहीं छठ पूजा में प्रसाद एवं अर्घ्य के लिए इस्तेमाल होने वाले नारियल भी बाजार में बिकने लगे हैं। लोग अपनी जरूरत के अनुसार सूप, दौरा एवं नारियल खरीदकर घरों में रख रहे हैं। खासकर ऐसे परिवार जिनके यहां हर साल छठ पूजा होती है, वह पहले से ही तैयारी में जुट गए हैं।
मांग बढ़ने के कारण पूजन सामग्रियों के बढ़ जाते हैं दाम
खरीदारी करने वाले लोगों का कहना है कि छठ के नजदीक आते ही बाजार में भीड़ बढ़ जाती है। मांग बढ़ने के कारण कई पूजन सामग्रियों के दाम भी बढ़ जाते हैं।
ऐसे में पहले से खरीदारी करने पर एक ओर जहां भीड़ से बचा जा सकता है, वहीं दूसरी ओर सामान भी अपेक्षाकृत कम कीमत पर मिल सकता है।
सूप एवं दौरा जैसी सामग्री लंबे समय तक खराब नहीं होती है। इसी तरह नारियल को भी उचित तरीके से रखने पर कुछ समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है। इसलिए लोग अभी से जरूरी सामान खरीदकर घरों में रख रहे हैं।
चार दिनों तक चलता है आस्था एवं सूर्योपासना का महापर्व छठ
लोक आस्था एवं सूर्योपासना का महापर्व छठ चार दिनों तक मनाया जाता है। इस पर्व में भगवान सूर्य एवं छठी मैया की पूजा की जाती है।
व्रती पूरे नियम एवं निष्ठा के साथ पूजा-अर्चना करते हैं। पर्व की शुरुआत नहाय-खाय से होती है। इसके बाद खरना, संध्या अर्घ्य एवं उषा अर्घ्य की परंपरा निभाई जाती है।
छठ के दौरान व्रती एवं उनके परिवार के सदस्य प्रसाद तैयार करने से लेकर घाटों की साफ-सफाई तक की व्यवस्था में जुटे रहते हैं। इस वर्ष छठ पर्व का पहला दिन नहाय-खाय 13 नवंबर को होगा।
दूसरे दिन 14 नवंबर को खरना किया जाएगा। तीसरे दिन 15 नवंबर को व्रती डूबते सूर्य को संध्या अर्घ्य देंगे। वहीं चौथे एवं अंतिम दिन 16 नवंबर को उगते सूर्य को उषा अर्घ्य देने के बाद व्रत का पारण किया जाएगा।
घरों एवं दुकानों की साफ-सफाई के साथ रंग-रोगन का काम शुरू
छठ पर्व से पहले आठ नवंबर को मनाई जाने वाली दीपावली को लेकर भी लोगों में उत्साह दिखने लगा है। घरों एवं दुकानों की साफ-सफाई के साथ रंग-रोगन का काम शुरू हो गया है।
लोग अपने घरों को सजाने-संवारने में जुटे हैं। दुकानदार भी त्योहारों को देखते हुए अपनी दुकानों की सफाई एवं सजावट कर रहे हैं।
इस तरह दीपावली एवं छठ को लेकर बाजार में धीरे-धीरे चहल-पहल बढ़ने लगी है। आने वाले दिनों में पूजन सामग्री की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ बढ़ने की उम्मीद है।
त्योहारों के इस मौसम में बाजार में रौनक बढ़ने के साथ ही खरीदारी का सिलसिला भी तेज होने लगा है।
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