मधेपुरा । प्रखंड क्षेत्र व आसपास के इलाके में बेमौसम मूसलाधार बारिश होने के कारण आम लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जबकि इस आफत की बारिश से हो रहे नुकसान के कारण सबसे अधिक परेशानी व नुकसान से क्षेत्र के किसान हताश हैं।

मालूम हो कि प्रखंड क्षेत्र में गन्ना व केला की खेती से विमुख होने के बाद किसानों ने मक्का, आलू, तंबाकू सहित विभिन्न प्रकार के सब्जी की फसल को नकदी खेती के रूप में करना शुरू किया है। लेकिन बेमौसम बारिश के कारण धान व सब्जियों की फसल बर्बादी के कगार पर है। जबकि प्रखंड क्षेत्र में अक्टूबर के दूसरे सप्ताह तक रबी की अगात फसलों की 40 फीसदी बुआई हो जाया करती थी। लेकिन बेमौसम बारिश के कारण खेतों में पानी जमा हो जाने से उसकी जुताई भी नहीं हो सकी है। इससे सहज रूप से अंदाजा लगाया जा सकता है कि पिछात बुआई होने के कारण इस बार इसका असर रबी फसल के उत्पादन पर भी पड़ेगा। जबकि बीते तीन दिनों से रूक-रूककर हुए मुसलाधार बारिश से जहां विभिन्न प्रकार के सब्जियों का फसल गल गया। लिहाजा हरी सब्जियों का दाम आसमान छूने की वजह से घर का बजट बिगड़ने लगा है। वहीं गोभी, टमाटर, मटर, मूली आदि फसल के क्षति होने से किसानों का व्यापक पैमाने पर नुकसान हुआ है। गौरतलब हो कि प्रखंड क्षेत्र के सभी नौ पंचायतों में जहां व्यापक पैमाने पर मक्का की खेती की जाती है। वहीं नयाटोला, झंडापुर बासा, भटौनी, बंशगोपाल, कहरटोली, मकदमपुर, फुलपुर, छब्बु बासा, चटनमा, बघरा, पुरैनी, गणेशपुर, बघवा दियारा, गणेशपुर दियारा, बथनाहा, मरूआही, औराय आदि सहित अन्य बहियारों में आलू, गेंहू, हल्दी, तंबाकू, गोभी, मटर, टमाटर, मूली सहित विभिन्न प्रकार की सब्जी की खेती प्रचुर मात्रा में की जाती है। लेकिन इस बार इधर लगातार हुए आफत की बारिश ने समय से इसके खेती पर ग्रहण लगा दिया है। इस बाबत प्रखंड क्षेत्र के दर्जनों किसानों ने बताया कि आफत की बारिश ने जहां खेतों में लगे तैयार हो चुके धान की फसल सहित विभिन्न सब्जियों की फसल को व्यापक पैमाने पर नुकसान पहुंचाया है। वहीं खेतों में काफी मात्रा में पानी लग जाने से समय पर होने वाले रबी फसल की बुआई पर भी प्रतिकूल असर पड़ेगा।

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