मधेपुरा। कोरोना संकट के भंवर में फंसी अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए घोषित आर्थिक पैकेज से उद्यमियों को फायदा हुआ है। वहीं, इससे इतर व्यवसायियों के लिए कुछ नहीं रहने से उनमें निराशा का भाव है, लेकिन उम्मीद है उन्हें भी राहत मिलेगी। बुधवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा एमएसएमइ के लिए घोषित राहत पैकेज से जिले के लघु सूक्ष्म उद्यमियों को लाभ मिल सकता है। यद्यपि बड़े स्तर का उद्योग जिले में नहीं रहने के कारण अपेक्षाकृत कम लाभ मिलने के आसार है। जिले में अभी 1261 लघु सूक्ष्म उद्योग निबंधित है। ज्यादातर छोटे उद्योग हैं जहां तीन से चार लोगों को रोजगार मिला हुआ है। वित्त मंत्री के राहत पैकेज से यहां स्थापित उद्यमी अपने उद्योग को और विस्तार दे पाएंगे। वहीं अटकी उद्योग को भी इस पैकेज के तहत बैंकों से लोन मिल सकता है। पैकेज की सबसे बड़ी और अहम बात यह है कि उद्योगों को विस्तार के लिए लोन के लिए गारंटी सरकार लेगी। उद्यमी को इसके लिए गारंटी स्वरूप कुछ नहीं देना पड़ेगा।

सीधा लाभ मिलता तो और होता बेहतर पैकेज में एमएसएमइ के लिए बहुत राशि दी गई है, लेकिन जिले के उद्यमियों के मानना है कि इससे बेहतर होता कि उद्यमी को सीधा इसका कुछ लाभ मिलता। अभी किये गए प्रावधान में बैंकों से लोन देने की बात कही गई है। इसके अलावा अगर उद्यमी को बिजली बिल एवं ब्याज पर सब्सिडी दी जाती तो उनके लिए बेहतर होता। जिले में सभी छोटे उद्यमी है। यहां चूड़ा-मुढ़ी मिल, ग्रिल निर्माण, सत्तू, बेसन व आटा निर्माण जैसे छोटे-मोटे उद्योग हैं। निबंधित अधिकांश उद्योग पहले से ही बैंकों से लोन ले चुके रहते हैं। ऐसी स्थिति में लोन देने में सुविधा की जगह अगर सीधे ब्याज या बिजली आदि पर सब्सिडी का लाभ दिया जाता तो काफी असरदार होता।

व्यवसायियों को बेहतर की है उम्मीद केंद्र सरकार के पैकेज से व्यवसायी वर्गों को निराशा मिली है। व्यवसाय वर्ग को फिलहाल घोषणा से कुछ लाभ होता नहीं दिख रहा है। लेकिन उम्मीद है उन्हें भी राहत मिलेगी। लॉकडाउन में 50 दिन से अधिक समय तक दुकानों के बंद रहने से आíथक संकट खड़ी है। दुकान बंद रहने की स्थिति में भी बिजली बिल, ब्याज, मेंटेनेंस खर्च और कर्मचारियों के वेतन आदि पर खर्च हो रहे हैं। लेकिन आमदनी शून्य हो गया है। ऐसी स्थिति में इस क्षेत्र से छटनी की उम्मीद है। अगर व्यवसायियों को कुछ राहत सरकार से मिली होती तो वो इस संकट का मुकाबला कर सकते थे। व्यवसायियों के लिए टैक्स ऑडिट करवाने की तिथि 30 सितंबर से बढ़ा कर 31 अक्टूबर किया गया है। वहीं आयकर रिटर्न भरने की तिथि 30 नवंबर की गई है। एमएसएमइ पर अभी केंद्र सरकार का फोकस है। व्यवसायियों और मध्यमवर्गिय को इससे निराशा हुई है। संभव है अगले चरण में होने वाली घोषणाओं में कुछ राहत व्यवसायियों को मिले। व्यवसायियों को कम से कम टैक्स व ब्याज पर सब्सिडी मिलनी चाहिए। -मनीष सर्राफ ,सीए सह संयोजक व्यापार संघ, मधेपुरा केंद्र द्वारा की गई घोषणा का अभी विस्तृत नियमावली आनी बाकी है। केंद्र के पैकेज का जिले के उद्यमियों को अधिकाधिक लाभ दिलाए जाने का प्रयास किया जाएगा। यहां अभी सभी लघु सूक्ष्म इकाई है। आगे बड़ा उद्योग लगाए जाने की कोशिश की जा रही है। ताकि बाहर से यहां लौटे श्रमिकों का जिले में भी अधिकाधिक रोजगार मिल सकें। -कृष्ण कुमार भारती, महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र,मधेपुरा

Posted By: Jagran

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