मधेपुरा। बिहार सरकार को प्रति वर्ष लाखों का राजस्व देने वाला प्रखंड मुख्यालय स्थित अंचल राजस्व कचहरी कार्यालय का भवन जर्जर हो चुका है। भवन भी धाराशायी होकर कर्मियों एवं लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। भवन में चार कमरा बना हुआ है। इसका निर्माण वर्ष 1959 में किया गया था। कई जगह के दीवारों पर दरारें पड़ गई है। अन्दर के बरामदे का छत जर्जरावस्था में ढहने लगा है। बांस बल्ले के सहारे छत को संभाला गया है। इस स्थिति में भवन किसी भी समय ध्वस्त हो सकता है। इसी जर्जर भवन में कर्मचारी भयभीत होकर अपने कार्य को अंजाम दे रहें हैं। वर्षा के समय छत से पानी टपकने की वजह से कई कागजात भींगने से परेशानी होती है। इसके बावजूद इस भवन के जीणोद्धार के प्रति अधिकारी से लेकर जनप्रतिनिधि तक उदासीन बने हुए हैं। कचहरी भवन के समीप खाली जमीन पर भूमिहीनों का बसेरा होने की वजह से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जानकारी हो कि 12 पंचायत के अंचल में राजस्व कचहरी के लिए एक अंचल निरीक्षक, 12 राजस्व कर्मचारी का पद निर्धारित है। लेकिन वर्तमान समय में दो राजस्व कर्मचारी ओमप्रकाश कुशियेत एवं दिनेश प्रसाद चौधरी कार्यरत हैं। इसमें अंचल निरीक्षक का प्रभार ओमप्रकाश कुशियेत पर हैं। इस राजस्व कचहरी में 23 राजस्व मौजा एवं छह हल्का अवस्थित है।

Posted By: Jagran

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