मधेपुरा [जेएनएन]। बिहार में अस्पताल की कारगुजारी और स्वास्थ्य व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह लगाने वाली एक तस्वीर फिर से वायरल हो रही है। मधेपुरा जिले में डीडीसी कार्यालय में कार्यरत क्लर्क मोहम्मद हबीबुल्लाह सोमवार की रात मोटरसाइकिल से पत्नी की दवा लेने जा रहे थे। इसी दौरान एक ट्रक से टकरा गए और जख्मी हो गए।

उनके सिर से खून बह रहा था। अचेत गिरे क्लर्क को पुलिस की गश्ती की टीम ने देखा तो उन्हें घायल हबीबुल्लाह को अस्पताल पहुंचाया और परिजनों को फोन पर इसकी जानकारी दी। परिजन दौड़े-दौड़े अस्पताल पहुंचे तो वहां काम करने वाले चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी ने बताया कि मरीज का सिर फट गया है और स्टीच लगानी होगी।

डॉक्टर संदेश की मौजूदगी में कर्मचारी ने ही स्टीच लगाया और मरीज का उपचार किया। इस दौरान मरीज के घर वालों ने मोबाइल के टॉर्च को जलाए रखा और उसकी रौशनी में चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी ने उपचार की प्रक्रिया पूरी की। इस बारे में पूछ जाने पर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉक्टर अखिलेश कुमार ने बताया कि ड्रेसर की कमी के कारण चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी से ही काम लिया जाता है।

Posted By: Kajal Kumari

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