BNMU के 16 राजकीय डिग्री कॉलेजों में 155 असिस्टेंट प्रोफेसर; जल्द करें योगदान, लेकिन अंग्रेजी का क्या होगा!
मधेपुरा के बीएनएमयू क्षेत्रांतर्गत 16 नए राजकीय डिग्री कॉलेजों में 192 स्वीकृत पदों के विरुद्ध 155 सहायक प्राध्यापकों का चयन ...और पढ़ें

बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग (BSUSC) ने 192 पदों के विरुद्ध 155 शिक्षकों का संविदा पर किया चयन, 37 पद रहेंगे रिक्त
HighLights
बीएनएमयू के 16 कॉलेजों में 155 सहायक प्राध्यापकों का चयन।
192 स्वीकृत पदों में से 37 पद अभी भी रिक्त।
अंग्रेजी विषय में सर्वाधिक 12 पद खाली रह गए।
संवाद सहयोगी, मधेपुरा। भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय (बीएनएमयू) क्षेत्रांतर्गत आने वाले 16 नए राजकीय डिग्री महाविद्यालयों में लंबे समय से चली आ रही शिक्षकों की भारी कमी अब दूर होने जा रही है। बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग (BSUSC), पटना द्वारा इन महाविद्यालयों में संविदा आधारित सहायक प्राध्यापकों (असिस्टेंट प्रोफेसर) के स्वीकृत 192 पदों के विरुद्ध 155 मेधावी शिक्षकों का चयन किया गया है।
चयनित शिक्षकों में से अधिकांश ने अपने-अपने आवंटित कॉलेजों में योगदान (जॉइनिंग) कर लिया है, जबकि शेष बचे शिक्षक 17 अगस्त तक अनिवार्य रूप से योगदान दे देंगे। हालांकि, इस चयन प्रक्रिया के बाद भी इन महाविद्यालयों में शिक्षकों के 37 पद खाली रह जाएंगे।
6 प्रमुख विषयों की होगी पढ़ाई, प्रत्येक कॉलेज में स्वीकृत हैं 12 पद
बीएनएमयू के तहत संचालित इन 16 नए राजकीय डिग्री कॉलेजों में मुख्य रूप से छह प्रमुख विषयों—हिंदी, अंग्रेजी, इतिहास, राजनीतिशास्त्र, अर्थशास्त्र एवं समाजशास्त्र—की पढ़ाई निर्धारित की गई है।
विश्वविद्यालय के मानकों के अनुसार, प्रत्येक महाविद्यालय में हर विषय के सुचारू अध्यापन के लिए दो-दो शिक्षकों के पद निर्धारित किए गए हैं। इस तरह एक डिग्री कॉलेज में 12 शिक्षकों के पद स्वीकृत हैं और 16 कॉलेजों को मिलाकर कुल 192 पद सृजित किए गए थे। आयोग की ओर से जारी परिणाम में 155 पदों पर शिक्षकों की बहाली की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
हिंदी में सबसे अधिक 30 चयन, अंग्रेजी में 12 पद रह गए खाली
आयोग द्वारा जारी विषयवार चयन सूची के आंकड़ों पर नजर डालें तो सबसे अधिक हिंदी विषय में 30 शिक्षकों का चयन हुआ है। इसके अलावा राजनीतिशास्त्र में 27, समाजशास्त्र में 28, अर्थशास्त्र में 26, इतिहास में 24 और अंग्रेजी विषय में 20 सहायक प्राध्यापकों का चयन हुआ है।
पदस्थापन के बाद विषयवार रिक्तियों की स्थिति देखें तो अंग्रेजी विषय में सबसे अधिक 12 पद खाली रह गए हैं। वहीं, इतिहास में 8, अर्थशास्त्र में 6, राजनीतिशास्त्र में 5, समाजशास्त्र में 4 और हिंदी में सबसे कम 2 पद रिक्त रह गए हैं। अंग्रेजी में 12 पद खाली रहने से इस विषय के पठन-पाठन पर थोड़ा असर पड़ सकता है।
कोसी प्रमंडल के 3 जिलों के 16 प्रखंडों के छात्रों को मिलेगा सीधा लाभ
उच्च शिक्षा को ग्रामीण इलाकों तक पहुंचाने के उद्देश्य से बीएनएमयू के अधीन कोसी प्रमंडल के तीन जिलों—मधेपुरा, सहरसा एवं सुपौल के 16 सुदूर प्रखंडों में ये नए राजकीय डिग्री कॉलेज स्थापित किए गए हैं।
इनमें मधेपुरा जिले के कुमारखंड, शंकरपुर, घैलाढ़ एवं चौसा प्रखंड; सहरसा जिले के नौहट्टा, सत्तर कटैया, बनमा इटहरी, सलखुआ, सौर बाजार एवं पतरघट प्रखंड; तथा सुपौल जिले के किशनपुर, प्रतापगंज, सरायगढ़-भपटियाही, मरौना, पिपरा एवं छातापुर प्रखंड शामिल हैं। 155 शिक्षकों के एक साथ योगदान देने से इन ग्रामीण इलाकों के छात्र-छात्राओं को अब अपने ही प्रखंड में गुणवत्तापूर्ण व नियमित पढ़ाई की सुविधा मिलेगी।
