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मधेपुरा के 16 नए डिग्री कॉलेजों में 192 पदों के विरुद्ध 155 शिक्षक हुए चयनित; 6 विषयों में 37 पद रह गए खाली

Published: Fri, 14 Aug 2026 02:55 PM (IST)

भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के अंतर्गत 16 नए डिग्री कॉलेजों में 192 में से 155 सहायक प्राध्यापकों का चयन हुआ, ...और पढ़ें

भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय मधेपुरा

भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय मधेपुरा

HighLights

  1. 16 नए डिग्री कॉलेजों में 192 में से 155 शिक्षक चयनित।

  2. छह प्रमुख विषयों में कुल 37 सहायक प्राध्यापक पद रिक्त।

  3. रिक्त पदों को भरने के लिए दोबारा चयन प्रक्रिया की मांग।

संवाद सहयोगी, मधेपुरा। भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय (BNMU) के क्षेत्राधिकार अंतर्गत मधेपुरा, सहरसा और सुपौल जिलों में स्थापित 16 नए राजकीय डिग्री महाविद्यालयों में संविदा आधारित सहायक प्राध्यापकों के चयन के बाद भी छह प्रमुख विषयों में 37 सीटें रिक्त रह गई हैं। इन महाविद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग (BSUSC), पटना के माध्यम से की गई है।

कुल 192 विज्ञापित पदों के विरुद्ध 155 सहायक प्राध्यापकों का चयन किया गया है। चयन प्रक्रिया संपन्न होने के बाद भी हिंदी, अंग्रेजी, इतिहास, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र एवं समाजशास्त्र जैसे महत्वपूर्ण विषयों में सीटें खाली रहने से इन कॉलेजों में नियमित पठन-पाठन प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।

अंग्रेजी में सबसे अधिक 12 और इतिहास में 8 पद खाली

  • अंग्रेजी में 12 पद रिक्त: अंग्रेजी विषय के कुल 32 पदों में से सर्वाधिक 12 पद खाली रह गए हैं। सहरसा के बनमा इटहरी, सौर बाजार और नौहट्टा में एक-एक पद रिक्त है। मधेपुरा के शंकरपुर व चौसा में एक-एक और कुमारखंड में दोनों पद खाली हैं। वहीं सुपौल के पिपरा, किशनपुर व मरौना में एक-एक तथा प्रतापगंज में दोनों पद रिक्त हैं।

  • इतिहास में 8 सीटें खाली: इतिहास के 32 पदों में 8 पद नहीं भरे जा सके। मधेपुरा के घैलाढ़ में एक और कुमारखंड में दोनों पद रिक्त हैं। सहरसा के बनमा इटहरी, सौर बाजार व सलखुआ में एक-एक पद रिक्त है। सुपौल के मरौना में दोनों और छातापुर में एक पद खाली है।

  • अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान, समाजशास्त्र व हिंदी की स्थिति

    • अर्थशास्त्र में 6 पद रिक्त: अर्थशास्त्र के 32 पदों में से 6 सीटें खाली रह गई हैं। इसका सबसे अधिक असर सुपौल जिले पर पड़ा है, जहां मरौना व छातापुर में एक-एक तथा प्रतापगंज व पिपरा में दोनों-दोनों पद रिक्त हैं। मधेपुरा और सहरसा में सभी पद भर गए हैं।

  • राजनीति विज्ञान में 5 पद खाली: राजनीति विज्ञान में 32 में से 5 सीटें रिक्त हैं। मधेपुरा के चौसा में एक, सहरसा के सौर बाजार व सत्तर कटैया में एक-एक और सुपौल के छातापुर व सरायगढ़-भपटियाही में एक-एक पद खाली है।

  • समाजशास्त्र में 4 पद रिक्त: समाजशास्त्र के 32 में से 4 पद खाली हैं। मधेपुरा के कुमारखंड व चौसा में एक-एक और सुपौल के मरौना व छातापुर में एक-एक पद खाली रह गया है।

  • हिंदी में 2 पद रिक्त: हिंदी विषय में 32 पदों के विरुद्ध 30 शिक्षकों का चयन हुआ है। सुपौल के प्रतापगंज और मरौना कॉलेज में एक-एक पद रिक्त है।

  • रिक्त पदों को भरने के लिए दोबारा प्रक्रिया की आवश्यकता

    कोसी प्रमंडल के इन तीनों सीमावर्ती जिलों के नए डिग्री कॉलेजों में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए सभी विषयों में शिक्षकों का होना अनिवार्य है। जानकारों का मानना है कि इन 37 रिक्त पदों को भरने के लिए आयोग द्वारा जल्द ही दोबारा चयन प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को सभी विषयों की समुचित शिक्षा मिल सके।