संवाद सूत्र, पुरैनी (मधेपुरा) : प्रखंड क्षेत्र में आठ दिसंबर को मतदान होना है। इस बार हो रहे पंचायत चुनाव में प्रखंड क्षेत्र में दर्जनों दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है। सभी दिग्गज मतदाताओं को गोलबंद कर जीत दर्ज करने की जुगत में दिन-रात जुटे हुए हैं।

मालूम हो कि कुरसंडी पंचायत में आलमनगर विधानसभा से लगातार 30 वर्षों से प्रतिनिधित्व करने वाले स्थानीय विधायक सह पूर्व मंत्री नरेंद्र नारायण यादव के भतीजे सह निवर्तमान मुखिया रजनीश कुमार उर्फ बबलू यादव की प्रतिष्ठा दांव पर है। वे फिर से चुनावी मैदान में दूसरी पारी खेलने के लिए डटे हैं। वर्ष 2016 के चुनाव में रजनीश कुमार उर्फ बबलू यादव को कड़ी टक्कर देने वाले निवर्तमान उप मुखिया रामप्रकाश उर्फ पमपम सिंह फिर से चुनावी मैदान में हैं। वहीं कुरसंडी पंचायत से एक बार सरपंच के अलावा वर्ष 2001 में मुखिया व पुरैनी के दो-दो बार प्रखंड प्रमुख रहने के अलावे वर्ष 2015 में विधानसभा चुनाव लड़ चुके जयप्रकाश सिंह ने इस बार अपने पुत्र कुंदन सिंह को मुखिया पद के लिए चुनाव मैदान में उतारा है। कुंदन सिंह की मां फिलहाल निवर्तमान पंचायत समिति सदस्य है। यहां से पूर्व प्रखंड राजद अध्यक्ष रामजी यादव व वर्ष 2006 में चुनाव जीतने वाले पूर्व मुखिया कैलू ऋषिदेव की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी है। सपरदह पंचायत से वर्ष 2011 व 2016 से लगातार दो बार मुखिया रहने वाली निवर्तमान मुखिया कंचन देवी जहां हैट्रिक लगाने के लिए जी-तोड़ मेहनत कर रही है। वहीं उसके खिलाफ पैक्स अध्यक्ष पिटू यादव, वर्ष 2006 में मुखिया रहे प्रिती देवी के देवर सुभाष यादव व पंचायत जदयू अध्यक्ष गौरी यादव की भी प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। औराय पंचायत से पूर्व मुखिया मु.मुश्ताक की पत्नी सह निवर्तमान मुखिया बीबी सफीदन इस बार भी मुखिया पद से चुनाव लड़ रही है। यदि इस बार वे चुनाव जीत जाती है तो मुश्ताक दंपती के लिए यह हैट्रिक का चांस होगा। क्योंकि वर्ष 2011 में जहां मु.मुश्ताक खुद मुखिया बने तो वहीं 2016 में उनकी पत्नी बीबी सफीदन चुनाव जीती। वहीं वर्ष 2001 में मुखिया बने पूर्व मुखिया मनोरंजन सिंह ने अपनी पत्नी पूनम देवी व वर्ष 2006 में मुखिया रहने वाले पूर्व मुखिया कपिलदेव सिंह ने अपनी पत्नी सावित्री सिंह सहित निवर्तमान उप प्रमुख मु.गुलजार ने अपनी पत्नी खुशबू को चुनाव मैदान में उतारकर निवर्तमान मुखिया को कड़ी चुनौती दे रहे हैं। इन चारों की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी है। नरदह पंचायत से वर्ष 2001 में मुखिया रहे पूर्व मुखिया स्वर्गीय अनिल यादव की पत्नी सह निवर्तमान मुखिया नीलम देवी, वर्ष 2011 में मुखिया रहे पूर्व मुखिया मु.मोबीन की पत्नी अजबून खातून, व्यापार मंडल अध्यक्ष अमित कुमार लाल की पत्नी पिकी देवी व भूतपूर्व मुखिया चमक लाल मेहता की पुत्रवधू रेणु देवी की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। गणेशपुर पंचायत में निवर्तमान मुखिया मु.वाजिद की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी है। इस बार उसके चिरपरिचित प्रतिद्वंदी व वर्ष 2016 में दूसरे स्थान पर रहे अरुण कुमार दास कड़ी टक्कर दे रहे हैं। यहां से मात्र दो प्रत्याशी ही मुखिया पद के लिए चुनाव मैदान में आमने-सामने है। मुख्यालय पंचायत पुरैनी में निवर्तमान मुखिया पवन कुमार केडिया सहित वर्ष 2001 में मुखिया रहे पूर्व मुखिया स्वर्गीय दिगंबर सिंह व 2011 में मुखिया रहे उनकी पत्नी पूर्व मुखिया करुणा देवी के अलावा वर्ष 2006 में मुखिया रहे ललिता देवी के पति कालीचरण साह तथा वर्ष 2006 व 2011 में लगातार गणेशपुर पंचायत से मुखिया रहे निर्मला देवी के पुत्र रमन झा की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी है। बंशगोपाल पंचायत में वर्ष 1978 से लगातार 22 वर्षों तक व 2006 में मुखिया चुने जाने के बाद वर्ष 2009 में उनकी हत्या के उपरांत वर्ष 2011 में मुखिया बनी उनकी पत्नी अहिल्या देवी की पूत्रवधू सह निवर्तमान मुखिया ममता कुमारी व निवर्तमान उप मुखिया लक्ष्मी देवी की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। मकदमपुर पंचायत में निवर्तमान मुखिया अनीता देवी को वर्ष 2016 में दूसरे स्थान पर रहे चिरपरिचित प्रतिद्वंदी सुरेश ऋषिदेव इस बार भी उसे कड़ी टक्कर दे रहे हैं। यहां मुखिया पद के लिए छह प्रत्याशी चुनाव मैदान में डटे हैं। दुर्गापुर पंचायत में वर्ष 2006 में उप प्रमुख सह निवर्तमान मुखिया प्रकाश चंद्र यादव सहित वर्ष 2001 व 2006 में लगातार दो बार मुखिया रहे पूर्व मुखिया गणेश मंडल की पत्नी सुमन देवी व 2011 में मुखिया रहे पूर्व मुखिया दिनेश शर्मा की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी है।

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