लखीसराय। समेकित बाल विकास सेवाएं (आईसीडीएस) पहली से सात अगस्त तक विश्व स्तनपान सप्ताह मना रहा है। पर जिले में इस कार्यक्रम के पहले दिन विभाग की सक्रियता नजर नहीं आई। विभाग ने इस सप्ताह का नाम 'स्तनपान सतत विकास की कुंजी' दिया है। इसके तहत जिले के सूर्यगढ़ा प्रखंड अंतर्गत खावा राजपुर पंचायत के झपानी गांव स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 70 पर एक वृहत सामुदायिक जागरूकता रैली का आयोजन किया गया।

केंद्र की सेविका प्रतिमा कुमारी की अगुवाई में धात्री एवं गर्भवती महिलाओं के अलावा बच्चों ने गांव में स्तनपान के प्रति माताओं को जागरूक करने को लेकर रैली निकाली। रैली को रवाना करते हुए सेविका प्रतिमा कुमारी ने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण, खाद्य-सुरक्षा, शिक्षा, विकास और जीवन के विभिन्न मानकों में से एक महत्वपूर्ण मानक है स्तनपान। मां का दूध शिशु के लिए सर्वोत्तम एवं सबसे उपयुक्त आहार है। इससे मां और शिशु के बीच भावनात्मक रिश्ता मजबूत होता है। उन्होंने उपस्थित धात्री एवं गर्भवती महिलाओं को बताया कि जन्म के एक घंटे के अंदर शिशु को मां का गाढ़ा पीला दूध (कोलोस्ट्रम) देना जरूरी होता है। जन्म से छह माह तक शिशु को सिर्फ मां का ही दूध दें। छह माह से 2 वर्ष तक बच्चों को मां के दूध के साथ ही उम्र के अनुसार उचित मात्रा में ऊपरी आहार दें। इससे बच्चों में रोगों से लड़ने की क्षमता विकसित होती है। जबकि मां में स्तन या गर्भाशय के कैंसर का खतरा कम हो जाता है। इस मौके पर सहायिका ¨पकी कुमारी, वार्ड सदस्य उत्तम देवी के अलावा बेबी देवी, पुष्पा देवी, स्नेहलता, श्रेया कुमारी, श्रुति कुमारी, मौसम कुमारी, सपना सुमन आदि मौजूद थी।