विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

बिहार-झारखंड को जोड़ने वाले NH-333A के चौड़ीकरण का रास्ता साफ, किसानों की मांग खारिज

Published: Mon, 06 Jul 2026 04:50 PM (GMT+05:30)

हलसी प्रखंड से गुजरने वाले NH-333A के चौड़ीकरण का रास्ता साफ हो गया है। किसानों की व्यावसायिक दर पर मुआवजे ...और पढ़ें

राष्ट्रीय राजमार्ग-333ए। फोटो जागरण

राष्ट्रीय राजमार्ग-333ए। फोटो जागरण

HighLights

  1. NH-333A चौड़ीकरण का रास्ता अब साफ हुआ।

  2. किसानों की व्यावसायिक मुआवजे की मांग खारिज की गई।

  3. 205 किसानों को कृषि भूमि दर पर मुआवजा मिलेगा।

संवाद सूत्र, हलसी (लखीसराय)। हलसी प्रखंड से होकर गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-333ए (शेखपुरा-सिकंदरा पथ) के चौड़ीकरण की राह अब साफ हो गई है। जमीन अधिग्रहण के एवज में व्यावसायिक दर से मुआवजा देने की किसानों की मांग प्रमंडलीय आयुक्त, मुंगेर द्वारा खारिज किए जाने के बाद अब अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज होने की संभावना है।

प्रभावित किसानों को सरकार के प्रचलित नियमों के अनुसार सिंचित कृषि भूमि की निर्धारित दर पर मुआवजा मिलेगा। जानकारी के अनुसार, बरबीघा, शेखपुरा, सिकंदरा, जमुई और चकाई होते हुए झारखंड के देवघर तक जाने वाले इस मार्ग को करीब पांच वर्ष पूर्व राष्ट्रीय राजमार्ग-333ए का दर्जा दिया गया था।

राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित होने के बाद इसके चौड़ीकरण की योजना बनाई गई, जिसके तहत सड़क के दोनों ओर 50-50 फीट भूमि का अधिग्रहण किया जाना है।

किसानों ने जताई थी आपत्ति 

भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होते ही कई किसानों ने मुआवजे की दर को लेकर आपत्ति दर्ज कराई थी। उनका कहना था कि वर्ष 2022 में सड़क किनारे खरीदी गई कुछ जमीन का निबंधन व्यावसायिक दर पर हुआ था, इसलिए अधिग्रहण का मुआवजा भी उसी दर से दिया जाए।

इसे लेकर किसानों ने प्रमंडलीय आयुक्त, मुंगेर के समक्ष आवेदन दिया था। प्रमंडलीय आयुक्त ने मामले की सुनवाई के बाद किसानों की मांग अस्वीकार कर दी। आदेश में स्पष्ट किया गया कि भूमि का मुआवजा सरकारी प्रविधान के अनुरूप सिंचित कृषि भूमि की निर्धारित दर पर ही दिया जाएगा।

हलसी में 205 किसानों की जमीन का होगा अधिग्रहण 

इसके बाद किसानों के सामने सरकारी दर पर मुआवजा स्वीकार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। हलसी प्रखंड क्षेत्र में इस परियोजना के तहत कुल 205 किसानों की जमीन अधिग्रहित की जाएगी। इनमें लालपुर गांव के 20, तरहारी के 54, पिपरा के 24, मतासी के 72 तथा महरथ गांव के 35 किसान शामिल हैं।

राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण से भविष्य में इस मार्ग पर आवागमन सुगम होने, सड़क सुरक्षा में सुधार आने तथा लखीसराय, शेखपुरा, जमुई और झारखंड के देवघर के बीच संपर्क और बेहतर होने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं प्रभावित किसान अब मुआवजा भुगतान और अधिग्रहण प्रक्रिया शीघ्र पूरी होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें- 427 करोड़ से चमकेगा बक्सर: गंगा में फ्लोटिंग रेस्टोरेंट और शहर में मल्टीलेवल पार्किंग, 9 योजनाओं को मंजूरी