मोकामा-मुंगेर फोरलेन के लिए भूमि अधिग्रहण तेज, 20 मौजा के 1200 रैयतों को नोटिस
मोकामा-मुंगेर फोरलेन परियोजना के तहत लखीसराय में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज हो गई है, जिसमें 4,447 करोड़ रुपये की लागत से 82.4 किमी सड़क बनेगी।

मोकामा-मुंगेर फोरलेन के लिए भूमि अधिग्रहण तेज, 20 मौजा के 1200 रैयतों को नोटिस (AI Generated Image)
HighLights
लखीसराय में मोकामा-मुंगेर फोरलेन भूमि अधिग्रहण तेज।
रैयत मुआवजे और एलाइनमेंट को लेकर कर रहे विरोध।
कुछ रैयतों को अभी तक नहीं मिले हैं नोटिस।
मुकेश कुमार, लखीसराय। मोकामा-मुंगेर फोरलेन ग्रीनफील्ड परियोजना (Mokama Munger Four Lane Project) के तहत लखीसराय जिले में भूमि अधिग्रहण की प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो गई है। 4,447 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली 82.4 किलोमीटर लंबी और 60 मीटर चौड़ी इस फोरलेन सड़क के लिए जिले में कुल 342.97 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण होना है।
जिला प्रशासन अब तक 339.05 हेक्टेयर भूमि की अधिसूचना और 320.78 हेक्टेयर भूमि की अधिघोषणा कर चुका है। इसके बाद प्राक्कलन व पंचाट तैयार कर रैयतों को मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
परियोजना के लिए जिले के 48 मौजा में भूमि अधिग्रहण किया जाना है। इनमें 20 मौजा के करीब 1200 रैयतों को मुआवजा राशि के लिए नोटिस भेजा जा चुका है।
वहीं, कई मौजा में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद कुछ रैयतों को अभी तक नोटिस नहीं मिला है। ऐसे रैयतों से जिला भू-अर्जन कार्यालय द्वारा आवेदन और आवश्यक दस्तावेज लिए जा रहे हैं। दस्तावेजों का सत्यापन कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।
जिले को अब तक 475.74 करोड़ रुपये मिले
ग्रीनफील्ड परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण और मुआवजा भुगतान के मद में सरकार द्वारा अब तक जिले को 475.74 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं।
प्रशासन का लक्ष्य इस वर्ष के अंत तक भूमि अधिग्रहण और मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया पूरी करने का है। इसके बाद निर्धारित एलाइनमेंट पर सड़क निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
मुआवजा और एलाइनमेंट को लेकर रैयतों में नाराजगी
भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के बीच लखीसराय प्रखंड के खैरी, औरैया एवं दामोदरपुर मौजा के सैकड़ों किसान, रैयत और व्यवसायी परियोजना के एलाइनमेंट और मुआवजा निर्धारण का विरोध कर रहे हैं। रैयतों का आरोप है कि भूमि का वर्गीकरण सही तरीके से नहीं किया गया है और निर्धारित दर बाजार मूल्य के अनुरूप नहीं है।
उनका कहना है कि सड़क का एलाइनमेंट शहर के नजदीक बसी घनी आबादी से गुजरने के कारण बड़ी संख्या में गरीब और बेसहारा परिवारों के घर प्रभावित होंगे।
रैयतों की मांग है कि वर्तमान चिन्हित स्थान से करीब 500 मीटर आगे एलाइनमेंट किया जाए। इससे आबादी को कम नुकसान होगा और सरकार को भी अपेक्षाकृत कम मुआवजा देना पड़ेगा।
इस मामले को लेकर रैयतों ने जिलाधिकारी, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी से लेकर मुंगेर आयुक्त तक पत्राचार किया है। साथ ही भूमि वर्गीकरण समिति गठित कर जमीन का सही वर्गीकरण एवं दर निर्धारण कराने की मांग की है।
गजट में नाम नहीं, नोटिस भी नहीं मिला
पिपरिया प्रखंड के मोहनपुर निवासी रैयत मुकेश साव ने बताया कि फोरलेन सड़क के लिए उनकी नौ डिसमिल जमीन का अधिग्रहण किया गया है, लेकिन गजट में उनका नाम नहीं है।
इसी गांव के रामप्रसाद साव ने बताया कि उनकी खरीदी हुई 3.25 डिसमिल जमीन परियोजना में अधिग्रहित की गई है, लेकिन गजट में नाम नहीं रहने के साथ ही मुआवजा के लिए नोटिस भी नहीं मिला है। ऐसे दर्जनों किसान और रैयत अपनी शिकायत लेकर जिला भू-अर्जन कार्यालय पहुंच रहे हैं।
कार्यालय के अमीन संतोष कुमार, सतीश कुमार और अरविंद कुमार ने बताया कि गजट में नाम नहीं रहने अथवा नोटिस नहीं मिलने की शिकायत लेकर आने वाले रैयतों के आवेदन लिए जा रहे हैं। दस्तावेजों का सत्यापन कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।
क्या कहते हैं पदाधिकारी?
मोकामा-मुंगेर फोरलेन परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। मौजावार किसान-रैयतों को नोटिस भेजा गया है। शेष मौजा में भी कार्रवाई जारी है। गजट में जिन रैयतों का नाम किसी कारणवश छूट गया है या जिन्हें नोटिस नहीं मिला है, उनके मामलों की जांच कराकर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है। - प्रकाश कुमार सिन्हा, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, लखीसराय
