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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 28, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सेक्स वर्करों का कार्य भी एक व्यवसाय, मर्यादा के साथ ही जीने का अधिकार

By JagranEdited By:
Published: Tue, 28 Jun 2022 07:42 PM (IST)

संवाद सहयोगी लखीसराय सदर अस्पताल लखीसराय के सभागार में जिला विधिक सेवा प्राधिकार परिधि भ

सेक्स वर्करों का कार्य भी एक व्यवसाय, मर्यादा के साथ ही जीने का अधिकार
सेक्स वर्करों का कार्य भी एक व्यवसाय, मर्यादा के साथ ही जीने का अधिकार

संवाद सहयोगी, लखीसराय : सदर अस्पताल लखीसराय के सभागार में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, परिधि भारती एवं जिला एड्स नियंत्रण एवं बचाव इकाई के तत्वावधान में मंगलवार को सेक्स वर्करों की एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। अध्यक्षता जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीके जायसवाल ने की। कार्यशाला में बताया गया कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार सेक्स वर्कर के कार्य को एक व्यवसाय के रूप में माना गया है। इन्हें भी आम नागरिक की तरह पूरी मर्यादा के साथ जीने का अधिकार है। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव सह एडीजे तृतीय श्रीराम झा ने कहा कि सेक्स वर्कर को यदि कोई समस्या आती है तो उसके निपटारे के लिए वह जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पुलिस पदाधिकारी या जिला प्रशासन से बेहिचक संपर्क करें। न्यायाधीश आबकारी ओम प्रकाश ने विस्तार से यौन कर्मियों को परिभाषित करते हुए कहा कि यौन कर्मियों के अंतर्गत सिर्फ महिलाएं ही नहीं बल्कि समाज के तीनों जेंडर कार्यशील हो सकते है। उनके प्रति समाज, पुलिस प्रशासन एवं जिला प्रशासन को अति संवेदनशील होना होगा। एसडीओ संजय कुमार ने उपस्थित यौन कर्मियों को केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित सुविधाएं एवं सामाजिक सुरक्षा योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। डीएम संजय कुमार सिंह ने सेक्स वर्कर के लिए राज्य स्तर पर चलाए जा रहे कार्यक्रमों की विस्तार से चर्चा की तथा उनकी समस्याओं के समाधान के लिए कई सुझाव भी दिए। एसपी पंकज कुमार, बिहार एड्स नियंत्रण समिति के अपर परियोजना निदेशक डा. एनके, सीएस डा. देवेंद्र कुमार चौधरी, डीपीएम एचआइवी नियंत्रण इकाई अरविद कुमार राय, परिधि भारती के कार्यपालक निदेशक इंजीनियर कौशलेंद्र कुमार समेत अन्य ने अपने विचार व्यक्त किए।