लखीसराय। जिले में आइसीडीएस की नई डीपीओ रश्मि चौधरी के योगदान करने और सभी प्रखंडों में महिला पर्यवेक्षिका के स्थानांतरण के बाद शुक्रवार को मुख्यालय स्थित मंत्रणा कक्ष में जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह और डीडीसी अनिल कुमार ने विभाग की नई टीम के साथ कामकाज का समीक्षा की। डीएम ने समीक्षा में पाया कि कोरोना के कारण जिले की विभिन्न पंचायतों में आमसभा नहीं होने के कारण दर्जन भर से अधिक आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका की बहाली लंबित है। डीएम ने डीपीओ रश्मि चौधरी को कोरोना प्रोटोकाल का पालन कराते हुए अविलंब पंचायतों में आमसभा आयोजित कर सभी लंबित बहाली प्रक्रिया को पूरी करने का निर्देश दिया। डीएम ने सभी महिला पर्यवेक्षिका को निर्देशित किया कि गृहभेंट के दौरान आंगनबाड़ी सेविका के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को कोरोना टीकाकरण के लिए प्रेरित करें। दिव्यांगजनों की सूची तैयार करने को कहा ताकि उनको भी टीका दिया जा सके। जिलाधिकारी ने पोषण पुनर्वास केंद्र में कुपोषित बच्चों की संख्या काफी कम पाए जाने पर सभी सीडीपीओ को अधिक अधिक से गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र भेजने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने आंगनबाड़ी केंद्र भवन निर्माण के लिए खोजी गई जमीन संबंधित एनओसी संबंधित अंचल के सीओ से प्राप्त करने का निर्देश सभी सीडीपीओ को दिया। डीडीसी ने सभी सीडीपीओ से निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केंद्रों की सूची उपलब्ध कराने को कहा। डीपीओ को नक्सल प्रभावित चानन, सूर्यगढ़ा, कजरा, पीरीबाजार क्षेत्र में अधिक से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों को बाल केंद्र के रूप में विकसित करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित वन स्टॉप सेंटर सह महिला हेल्पलाइन में दर्ज वादों की समीक्षा में पाया कि दर्ज कुल वाद 111 में मात्र 15 का निबटारा किया गया है। शेष 99 वाद लंबित है। डीएम ने सभी लंबित वादों का निबटारा करने का निर्देश दिया। बैठक में सभी सीडीपीओ और महिला पर्यवेक्षिका मौजूद थीं।

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