लखीसराय। पिछले साल कोरोना काल में हुए लॉकडाउन के दौरान जिला मुख्यालय सहित जिले भर के सवारी वाहन के चालकों ने अपनी मर्जी से कई गुणा अधिक किराया बढ़ा दिया था। इसकी शिकायत पर जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीओ और डीटीओ ने 22 दिसंबर 2020 को ऑटो एवं बस यूनियन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर सरकार के निर्देशानुसार ऑटो, ई-रिक्शा एवं अन्य सवारी वाहनों का नए सिरे से किराया का निर्धारण किया था। कुछ दिनों तक जिला प्रशासन द्वारा तय किराया का अनुपालन वाहन चालकों ने किया और जब इस बार अप्रैल माह में कोरोना की दूसरी लहर आई तो फिर से अपनी मर्जी से किराया बढ़ा दिया। जिला प्रशासन ने मुख्यालय में लखीसराय रेलवे स्टेशन से जमुई मोड़ तक पांच रुपये और विद्यापीठ चौक से लेकर शहीद द्वार तक पांच रुपये का किराया ऑटो रिक्शा एवं ई-रिक्शा के लिए तय किया था। लेकिन, पांच रुपये के बदले 10 रुपये किराया वसूला जा रहा है। इसको लेकर हर रोज सड़कों पर ऑटो चालक और यात्रियों के बीच नोकझोंक की घटनाएं घट रही है। ---

जिला परिवहन कार्यालय जाकर अधिवक्ताओं ने की शिकायत

जिला विधिक संघ के पूर्व सचिव रविविलोचन वर्मा के नेतृत्व में अधिवक्ता संजय कुमार, गणेश कुमार, प्रदीप पासवान, उमेश कुमार, मुन्ना कुमार, अयोध्या मिस्त्री सहित दर्जन भर से अधिक अधिवक्ता गुरुवार को जिला परिवहन कार्यालय पहुंचे। अधिवक्ताओं ने जब डीटीओ की खोजबीन की तो बताया गया कि वे मुंगेर में हैं। इसके बाद वरीय अधिवक्ता रवि विलोचन वर्मा ने डीटीओ को फोन कर शहर में प्रशासन द्वारा निर्धारित किराया से दोगुनी राशि ऑटो चालकों द्वारा वसूली करने की शिकायत की। साथ ही प्रशासन द्वारा निर्धारित किराया सूची को ऑटो स्टैंड सहित शहर के सार्वजनिक स्थानों पर लगाने का अनुरोध किया। अधिवक्ताओं की शिकायत का संज्ञान लेते हुए डीटीओ रामाशंकर ने कहा लखीसराय आकर जल्द ही इसपर कार्रवाई की जाएगी।

Edited By: Jagran