नगर स्थित राधारानी ठाकुरबाड़ी में चल रहे 9 दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा वार्षिकोत्सव का समापन सोमवार को हो गया। नौ दिनों तक चले भागवत कथा में चार वेद, पुराण, गीता एवं श्रीमद्भागवत महापुराणों की व्याख्या, श्री कृष्ण सुदामा चरित्र सहित अन्य प्रसंगों पर मथुरा धाम से आए कथा वाचक अखिलेश शास्त्री प्रसंग सुनाया। कथा के दौरान भगवान श्री कृष्णजी के वात्सल्य प्रेम, असीम प्रेम के अलावा उनकी विभिन्न लीलाओं का वर्णन कर वर्तमान समय में समाज में व्याप्त अत्याचार, अनाचार, कटुता, व्यभिचार को दूर कर सुंदर समाज निर्माण के लिए युवाओं को प्रेरित किया। धार्मिक अनुष्ठान के अंतिम दिन श्री अखिलेश शास्त्री जी ने श्री कृष्ण जी के सर्वोपरि लीला रास लीला, मथुरा गमन, दुष्ट कंस राजा के अत्याचार से मुक्ति के लिए कंसवध, कुबजा उद्धार, रुक्मिणी विवाह, शिशुपाल वध एवं सुदामा चरित्र का वर्णन कर लोगों को भक्तिरस में डूबो दिया। कथा में शास्त्री जी ने सुंदर समाज निर्माण के लिए गीता से कई उपदेश के माध्यम अपने को उस अनुरूप आचरण करने को कहा। उन्होंने कहा जो काम प्रेम के माध्यम से संभव है वह ¨हसा से संभव नहीं हो सकता है। क्षणभंगुर इस जीवन में देश एवं समाज के लिए अच्छे कामों द्वारा अपना छाप छोड़ने को कहा। समाज में कुछ लोग ही अच्छे कर्मों द्वारा सदैव चिर स्मरणीय होता है। इतिहास इसका साक्षी है। वहीं नितिन व्यास उर्फ सोनू पंडा के द्वारा प्रस्तुत किए गए संगीतमय भजन पर श्रद्धालु झूमने पर विवश हुए। भागवत कथा में सैकड़ों महिला पुरुष श्रद्धालु उपस्थित थे।

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