लखीसराय। मंगलवार की रात शिव मंदिरों में शिव विवाह संपन्न होने के बाद मंगलवार को जिले के सभी शिव मंदिरों एवं शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। जिले के कुछ ग्रामीण अंचलों में बुधवार को महाशिवरात्रि पर्व मनाया गया। हालांकि अशोकधाम मंदिर सहित जिला मुख्यालय स्थित सभी शिव मंदिरों में सोमवार की रात को ही शिव विवाह हुआ। जबकि रामेश्वर धाम में बुधवार की रात शिव विवाह का आयोजन हुआ। अशोकधाम मंदिर में सोमवार से अधिक भीड़ मंगलवार को थी। ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। लेकिन मंदिर में प्रशासनिक स्तर पर भीड़ नियंत्रण एवं निगरानी करने वाला कोई नहीं था। इस कारण मंदिर के गर्भगृह में भारी कुव्यवस्था बनी रही। श्रद्धालुओं द्वारा जलाभिषेक करने के बाद शिव¨लग के समक्ष ही अगरबत्ती व दीप जलाने से लोगों को काफी परेशानी हुई। गर्भगृह में ना तो कोई पुलिस कर्मी था ना मंदिर ट्रस्ट के कोई पदाधिकारी। इस कारण भीड़ में उच्चकों ने तीन श्रद्धालु के पर्स व कीमती मोबाइल की पाकेटमारी कर ली। पीड़ित श्रद्धालु मंदिर में मौजूद कर्मी से सीसीटीवी कैमरा से जांच करने की गुहार लगाते दिखे। मंदिर परिसर में कुछ पुलिस मौजूद थी जो भीड़ से दूर बैठकर आराम फरमा रही थी। खास बात यह रही कि मंगलवार को जब जिलाधिकारी पहुंचे तो तो पूरा प्रशासनिक कुनबा मंदिर में था। बुधवार को जब श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी तो उनकी सुरक्षा एवं विधि व्यवस्था देखने के लिए कोई पदाधिकारी नहीं थे। पूछने पर मौजूद कर्मी ने बताया कि रातभर शिव विवाह में सभी जगे हुए थे इसलिए दूसरे दिन नहीं आ सके। इससे पहले पार्वती मंदिर में विधि विधान के साथ भोलेनाथ व माता पार्वती का विवाह संपन्न हुआ। स्थानीय कलाकार अजय भवानी द्वारा गीत व भजनों से शिव महिमा का गुणगान किया गया। अशोकधाम मंदिर स्थित विशाल शिव¨लग के चारों और लगे स्टील के ¨पजरे को पूरी तरह हटा दिया गया था जिससे श्रद्धालुओं ने लंबे समय बाद शिव¨लग की स्पर्श पूजा की।

By Jagran