लखीसराय। कदाचारमुक्त परीक्षा के दावे की पोल बुधवार को खुल गई। प्लस टू परियोजना बालिका उच्च विद्यालय केंद्र पर एक सरकारी कर्मी परीक्षार्थी के बदले दूसरी लड़की परीक्षा में शामिल थी जिसे दबोच लिया गया। हालांकि फर्जी परीक्षार्थी ने पुलिस गिरफ्त में आने के बाद भी अपना नाम और पता पुलिस को नहीं बताया। पुलिस ने जब उसके परीक्षा प्रवेश पत्र की जांच की तो चौंकाने वाली बात सामने आई है। नूतन मेहता, पिता शिवनंदन मेहता, माता जयंती देवी नामक परीक्षार्थी वर्तमान में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सूर्यगढ़ा में बतौर लेखापाल पदस्थापित है। वह अपने बदले दूसरी लड़की को स्कॉलर के रूप में परीक्षा में बैठा रही थी। विभाग और पुलिस यदि इसकी गहराई से जांच करे तो एक बड़ा रैकेट का खुलासा हो सकता है। फिलहाल गिरफ्तार स्कॉलर से पूछताछ की जा रही है लेकिन वह अपना नाम और पता का राज नहीं खोल रही है। सूर्यगढ़ा पुलिस मेदनी चौकी थाना क्षेत्र के हुसैना निवासी लेखापाल नूतन मेहता की खोज कर रही है। केंद्राधीक्षक संजय कुमार ¨सह ने बताया कि पहली पाली में भाषा के कुल 564 में 547 छात्रा शामिल हुई। जबकि 17 छात्रा परीक्षा में अनुपस्थित रही। वहीं दूसरी पाली के समाज शास्त्र में 36 छात्रा शामिल हुई। प्लस-टू पब्लिक हाई स्कूल केंद्र पर पहली पाली में भाषा के 462 छात्राएं शामिल हुई। दूसरी पाली में इस केंद्र पर समाज शास्त्र में 21 छात्रा शामिल हुई। केंद्रधीक्षक मु. ममशाद अहमद ने बताया कि ¨हदी में 561 एवं मैथिली में 01 छात्रा शामिल हुई। वरीय दंडाधिकारी डॉ. विवेक कुमार, जोनल पदाधिकारी सह अंचलाधिकारी प्रेम कुमार एवं पुलिस निरीक्षक नीरज कुमार ने बताया कि प्लस-टू परियोजना बालिका उच्च विद्यालय परीक्षा केंद्र पर से रौल कोड 85007 एवं रौल नंबर -18010156 से नूतन मेहता के नाम से परीक्षा दे रही एक फर्जी छात्रा को पकड़ा गया है। इधर पब्लिक हाई स्कूल परीक्षा केंद्र पर पहली पाली में परीक्षा शुरू होने से पहले ही अंग्रेजी का प्रश्न-पत्र वायरल हो गया था। हालांकि इस संबंध में दोनों ही केंद्र के सीएस ने कुछ भी बताने से इन्कार किया है। इधर पदाधिकारियों की टीम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थापित लेखापाल नूतन मेहता का रजिस्टर खंगालने में जुटी है।

By Jagran