डेढ़ साल की उम्र में पिता को खोया, मां ने संभाला; लखीसराय के विशाल राज ने NEET PG में हासिल की शानदार रैंक
लखीसराय के विशाल राज ने NEET PG-2026 में 338वीं अखिल भारतीय रैंक हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। ...और पढ़ें

लखीसराय के सूर्यगढ़ा प्रखंड स्थित निस्ता गांव निवासी विशाल राज ने नीट पीजी-2026 (NEET PG 2026) में आल इंडिया 338वीं रैंक हासिल की।
HighLights
विशाल राज ने NEET PG-2026 में 338वीं रैंक हासिल की।
डेढ़ वर्ष की आयु में पिता को खोया, मां ने पाला।
पहले ही प्रयास में हासिल की यह शानदार सफलता।
संवाद सूत्र, सूर्यगढ़ा (लखीसराय)। उम्र महज डेढ़ वर्ष थी, जब सिर से पिता का साया उठ गया था। सामने संघर्षों का लंबा रास्ता था, लेकिन परिवार का हौसला नहीं टूटा। मां ने संबल दिया, परिजनों ने कदम-कदम पर साथ निभाया और होनहार बेटे ने अपनी अटूट मेहनत को हथियार बनाकर सफलता की ऐसी इबारत लिखी, जिस पर आज पूरा इलाका गर्व कर रहा है।
सूर्यगढ़ा प्रखंड के निस्ता गांव निवासी विशाल राज ने नीट पीजी-2026 (NEET PG-2026) में ऑल इंडिया स्तर पर 338वीं रैंक हासिल कर क्षेत्र का नाम राष्ट्रीय पटल पर रोशन किया है। सबसे खास बात यह है कि विशाल ने यह कठिन मुकाम अपने पहले ही प्रयास में हासिल किया है।
मेधावी सफरनामा: विशाल राज की शैक्षणिक यात्रा एक नजर में
10वीं (2018): 95.8% अंक (डीएवी लखीसराय, जिला स्तर पर तीसरा स्थान)।
12वीं (2020): 93% अंक।
नीट यूजी (NEET UG 2020): ऑल इंडिया 580वीं रैंक (प्रथम प्रयास में चयन)।
एमबीबीएस (2020–2025): बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU), वाराणसी से डिग्री पूर्ण।
नीट पीजी (NEET PG 2026): ऑल इंडिया 338वीं रैंक (प्रथम प्रयास)।
पारिवारिक पृष्ठभूमि: पिता- स्वर्गीय मुरारी कुमार, दादा- स्वर्गीय अर्जुन यादव, मां- राजरानी (शिक्षिका), चाचा- त्रिपुरारी कुमार।
विशाल बचपन से ही विलक्षण मेधा के धनी रहे हैं। उन्होंने वर्ष 2018 में डीएवी पब्लिक स्कूल, लखीसराय से 10वीं की परीक्षा 95.8 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण की और जिला स्तर पर तीसरा स्थान हासिल किया। इसके बाद वर्ष 2020 में 12वीं की परीक्षा में 93 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। इसी वर्ष उन्होंने नीट यूजी की कठिन परीक्षा भी अपने पहले ही प्रयास में ऑल इंडिया 580वीं रैंक के साथ पास की और प्रतिष्ठित बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में एमबीबीएस पाठ्यक्रम में दाखिला लिया। वर्ष 2020 से 2025 तक बीएचयू से एमबीबीएस की पढ़ाई सफलतापूर्वक पूरी करने के बाद उन्होंने नीट पीजी-2026 में ताल ठोकी और सीधे 338वीं रैंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
शिक्षिका मां ने हौसलों से सींचा बेटे का सपना
विशाल के पिता स्वर्गीय मुरारी कुमार और दादा स्वर्गीय अर्जुन यादव थे। विशाल जब महज डेढ़ साल के थे, तभी उनके पिता का असामयिक निधन हो गया था। पिता के जाने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, लेकिन शिक्षिका मां राजरानी ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने बेटे की परवरिश और पढ़ाई को ही अपने जीवन का ध्येय बना लिया और कभी किसी संसाधन की कमी नहीं होने दी।
निस्ता गांव में खुशी की लहर, परिजनों में उत्साह
विशाल के चाचा त्रिपुरारी कुमार ने बताया कि परिवार ने हमेशा विशाल की प्रतिभा पर भरोसा किया और उसे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। विशाल ने भी कभी अपनी मेहनत में कोई कसर नहीं छोड़ी। दिन-रात की एकाग्रता और लगन का ही परिणाम है कि आज उसने पीजी प्रवेश परीक्षा में उत्कृष्ट रैंक प्राप्त की है। इस ऐतिहासिक सफलता की खबर मिलते ही निस्ता गांव में उत्सव जैसा माहौल बन गया। स्थानीय ग्रामीणों, बुद्धिजीवियों और जनप्रतिनिधियों ने विशाल और उनकी मां को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
