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बिहार राजद में सांगठनिक चुनाव की हलचल तेज! भंग कमेटियों के बाद कमान की रेस शुरू, दिग्गज नेताओं में समन्वय की परीक्षा

Published: Thu, 15 Oct 2026 12:11 AM (IST)

Lakhisarai RJD District President Election: लखीसराय राजद में संगठनात्मक चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है, जिसमें नए जिलाध्यक्ष ...और पढ़ें

Lakhisarai RJD District President Election: प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर।

Lakhisarai RJD District President Election: प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर।

HighLights

  1. लखीसराय राजद में जिलाध्यक्ष चुनाव को लेकर हलचल तेज।

  2. नृपेंद्र कुमार जिलाध्यक्ष पद के मजबूत दावेदार के रूप में।

  3. पार्टी नेतृत्व के लिए गुटों में समन्वय बड़ी चुनौती।

जागरण संवाददाता, लखीसराय। Lakhisarai RJD District President Election: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के आगामी संगठनात्मक चुनाव को लेकर लखीसराय जिले की राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। वर्तमान में जिला कमेटी भंग होने के कारण नए जिलाध्यक्ष की ताजपोशी को लेकर पार्टी के भीतर अलग-अलग खेमों में हलचल तेज हो गई है।

जिले में पार्टी का जनाधार बढ़ाने और संगठन को धार देने के लिए पूर्व विधायक फुलेना सिंह, विधान पार्षद अजय कुमार सिंह और सूर्यगढ़ा विधानसभा क्षेत्र से पार्टी के प्रत्याशी रहे प्रेमसागर चौधरी पूरी सक्रियता से जुटे हैं। हालांकि, नेतृत्व का सेहरा किसके सिर बंधेगा, इसे लेकर फिलहाल तस्वीर साफ नहीं हो सकी है।

जिलाध्यक्ष पद की दौड़ में कई नाम

जिलाध्यक्ष पद के लिए पार्टी के कई कद्दावर नेता अपनी दावेदारी मजबूती से पेश कर रहे हैं। प्रमुख दावेदारों में भंग जिला कमेटी के सचिव नृपेंद्र कुमार, बड़हिया प्रखंड अध्यक्ष संजय महतो, हाल ही में जदयू से राजद का दामन थामने वाले राजीव राय, गोहरी के पूर्व मुखिया मनोज राम, लखीसराय प्रखंड अध्यक्ष सुनील कुमार, बड़हिया के सुभाष पासवान तथा सूर्यगढ़ा विधानसभा क्षेत्र के कपिलदेव दास शामिल हैं।

भगवान यादव को प्रदेश में जगह की चर्चा

वहीं, दूसरी ओर पूर्व कार्यकारी जिलाध्यक्ष भगवान यादव को लेकर यह राजनीतिक चर्चा जोरों पर है कि उनकी वरिष्ठता और अधिक उम्र को देखते हुए उन्हें जिला संगठन के बजाय प्रदेश कमेटी में कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। हालांकि, इस पर प्रदेश नेतृत्व का आधिकारिक फैसला आना अभी बाकी है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि और सामाजिक संपर्क

जिलाध्यक्ष पद की इस होड़ में नृपेंद्र कुमार को एक मजबूत और गंभीर दावेदार के रूप में देखा जा रहा है। चानन प्रखंड की महेशलेटा पंचायत के पूर्व मुखिया सह पैक्स अध्यक्ष स्व. मकेश्वर प्रसाद और सेवानिवृत्त शिक्षिका स्व. निशा कुमारी के पुत्र नृपेंद्र एक स्थापित राजनीतिक पृष्ठभूमि से आते हैं। उनकी धर्मपत्नी प्रियंका कुमारी भी चानन प्रखंड की पूर्व प्रमुख रह चुकी हैं।

गोड्डीह गांव निवासी नृपेंद्र पंचायत राजनीति और जनसरोकार के कार्यों से लंबे समय से जुड़े रहे हैं। वर्ष 2001 से 2016 तक पिता मकेश्वर प्रसाद और वर्ष 2016 से 2021 तक पत्नी प्रियंका कुमारी के पंचायत प्रतिनिधित्व के दौरान नृपेंद्र ने संगठनात्मक स्तर पर अपनी गहरी पैठ बनाई। दो दशक से अधिक के इसी सामाजिक संपर्क, साफ-सुथरी छवि और कार्यकर्ताओं के बीच सक्रियता को वे अपनी प्रमुख ताकत मान रहे हैं।

वरिष्ठ नेताओं के बीच समन्वय साधना नेतृत्व के लिए बड़ी चुनौती

राजद की नई जिला कार्यकारिणी के गठन में केवल व्यक्तिगत दावेदारी ही नहीं, बल्कि जिले के कद्दावर नेताओं और गुटों के बीच संतुलन साधना प्रदेश नेतृत्व के लिए सबसे बड़ी परीक्षा होगी। पार्टी हाईकमान एक ऐसे चेहरे पर दांव लगाना चाहेगा जो जमीनी स्तर पर सर्वमान्य हो और संगठन को एकजुट रख सके।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नृपेंद्र कुमार की दावेदारी की सबसे अहम ताकत पूर्व विधायक, विधान पार्षद और अन्य वरिष्ठ नेताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की उनकी क्षमता हो सकती है। अब देखना दिलचस्प होगा कि आगामी संगठनात्मक चुनाव में नेतृत्व अनुभव, सामाजिक संतुलन और गुटीय समीकरणों में से किसे प्राथमिकता देता है।