विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

जलने से पहले बुझा आशीर्वाद का दीया! लखीसराय में मुख्य सचिव के एक निर्देश से हड़कंप, 1 लाख दीयों की तैयारी रह गई धरी

Published: Thu, 17 Sep 2026 07:53 PM (IST)

Lakhisarai Aashirwad Ka Diya Event Cancelled: लखीसराय में प्रधानमंत्री मोदी के 76वें जन्मदिन पर आयोजित 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम मुख्य ...और पढ़ें

Lakhisarai Aashirwad Ka Diya Event Cancelled: लखीसराय में शुरू होने से पहले स्थगित हुआ 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम; मुख्य सचिव के निर्देश पर अलग रहे अधिकारी, धरी रह गईं तैयारियां

Lakhisarai Aashirwad Ka Diya Event Cancelled: लखीसराय में शुरू होने से पहले स्थगित हुआ 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम; मुख्य सचिव के निर्देश पर अलग रहे अधिकारी, धरी रह गईं तैयारियां

HighLights

  1. प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम स्थगित।

  2. मुख्य सचिव के निर्देश पर अधिकारियों को अलग रहने का आदेश।

  3. लखीसराय में एक लाख से अधिक दीयों की तैयारी धरी रह गई।

संवाद सहयोगी, लखीसराय। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन के उपलक्ष्य में गुरुवार को लखीसराय जिला प्रशासन द्वारा बड़े पैमाने पर आयोजित होने वाला महत्वाकांक्षी ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम शुरू होने से चंद मिनट पहले अचानक स्थगित कर दिया गया। प्रशासनिक स्तर पर पूरे तामझाम के साथ की गई भव्य तैयारियां उस समय धरी की धरी रह गईं, जब राज्य मुख्यालय से अप्रत्याशित आदेश जारी हुआ।

कार्यक्रम प्रारंभ होने के ठीक पहले राज्य के मुख्य सचिव ने आपात वीडियो कांफ्रेंसिंग (वीसी) कर जिले के सभी प्रशासनिक पदाधिकारियों को इस आयोजन से पूरी तरह अलग रहने का सख्त निर्देश जारी कर दिया। इसके बाद जिला मुख्यालय से लेकर प्रखंड स्तर तक प्रशासनिक महकमे का उत्साह अचानक ठंडा पड़ गया।

जिला प्रशासन द्वारा इस भव्य दीपोत्सव के लिए व्यापक स्तर पर संसाधन जुटाए गए थे। पूरे लखीसराय जिले में एक लाख से अधिक मिट्टी के दीयों की व्यवस्था की गई थी। अकेले जिला मुख्यालय स्थित ऐतिहासिक परिया पोखर के तट पर 5,001 दीये कतारबद्ध सजाकर जलाने का खाका खींचा गया था। शाम छह बजे जिलाधिकारी सहित जिले के तमाम वरीय प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को आयोजन स्थल पर पहुंचकर दीप प्रज्वलित करना था। इस आयोजन में सहभागिता के लिए भारी संख्या में जीविका दीदियों और आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं को भी बुलाया गया था।

अफसरों के कदम खींचते ही छंटने लगी भीड़, सभापति एक दीया जलाकर लौटे

मुख्य सचिव के कड़े रुख और अधिकारियों के कार्यक्रम से किनारा करने की खबर जैसे ही आयोजन स्थल पर पहुंची, वहां मौजूद लोगों में असमंजस और मायूसी फैल गई। अधिकारियों के न पहुंचने की पुष्टि होते ही परिया पोखर पर जुटी भीड़ धीरे-धीरे छंटने लगी। हालांकि, शाम छह बजे से पूर्व ही स्थल पर मौजूद कुछ उत्साही महिलाओं ने अपनी श्रद्धा से दीये जला दिए।

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन पर आयोजित होने वाला जिला प्रशासन का ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम अचानक हुआ स्थगित

  • कार्यक्रम शुरू होने से ऐन पहले मुख्य सचिव ने वीडियो कांफ्रेंसिंग (VC) कर सभी अधिकारियों को आयोजन से अलग रहने का दिया निर्देश

  • पूरे जिले में एक लाख से अधिक मिट्टी के दीयों का हुआ था प्रबंध; लखीसराय के परिया पोखर पर 5001 दीये जलाने की थी तैयारी

  • समाहरणालय और डीआरडीए भवन से उतारी गई सजावटी रोशनी; जीविका दीदियां, सेविकाएं और सभापति एक दीया जलाकर लौटे

इसी बीच नगर परिषद के सभापति अरविंद पासवान भी कार्यक्रम स्थल पहुंचे। जब उन्हें यह जानकारी मिली कि शीर्ष स्तर के निर्देश के बाद प्रशासनिक पदाधिकारी कार्यक्रम में शामिल नहीं हो रहे हैं, तो उन्होंने स्वयं प्रतीकात्मक रूप से केवल एक दीया जलाया और वहां से वापस लौट गए।

सरकारी भवनों से आनन-फानन में हटाई गई रोशनी, प्रखंडों में भी टला कार्यक्रम

इस पूरे कार्यक्रम की रूपरेखा और जमीनी तैयारी नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी प्रभात रंजन और जीविका की जिला परियोजना प्रबंधक (डीपीएम) अनिता कुमारी की देखरेख में पूरी की गई थी। समाहरणालय परिसर, डीआरडीए भवन और विभिन्न सरकारी इमारतों को रंग-बिरंगी रोशनी और झालरों से सजाया गया था।

मुख्य सचिव का निर्देश मिलते ही प्रशासनिक मशीनरी बैकफुट पर आ गई और भवनों पर लगाई गई विशेष लाइटिंग को आनन-फानन में उतरवा दिया गया। इसी के साथ जिले के सभी प्रखंड मुख्यालयों, पंचायतों और सरकारी परिसरों में दीया जलाने के तय कार्यक्रमों को भी तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया।