जागरण पड़ताल: लखीसराय में पानी की बोतलों में बिक रहा पेट्रोल, शहर के बीच बारूद जैसा खतरा
लखीसराय शहर में पानी की बोतलों में खुलेआम पेट्रोल बेचा जा रहा है, जिससे घनी आबादी वाले इलाकों में आग ...और पढ़ें

लखीसराय में प्लास्टिक की बोतलों में बिक रहा पेट्रोल, शहर के बीच बारूद जैसा खतरा
HighLights
लखीसराय में पानी की बोतलों में खुलेआम बिक रहा पेट्रोल।
घनी आबादी वाले इलाकों में आग का गंभीर खतरा मौजूद।
जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने अवैध बिक्री पर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
मुकेश कुमार, लखीसराय। पानी पीने वाली प्लास्टिक की बोतल में पेट्रोल...। सुनने में ही यह लापरवाही डराने वाली है, लेकिन लखीसराय शहर में यही खतरा खुलेआम दिखाई दे रहा है। पेट्रोल पंप से दूर नहीं, बल्कि रिहायशी इलाकों, मुख्य सड़कों और दुकानों के बीच पानी की बोतलों में पेट्रोल भरकर बेचा जा रहा है।
बुधवार को जागरण टीम की जमीनी पड़ताल में पुरानी बाजार के चितरंजन रोड से लेकर नया बाजार के पचना रोड-चांदनी चौक तक कई स्थानों पर खुले में बोतलबंद पेट्रोल की बिक्री होती मिली। कहीं बोतल दुकान के आगे टेबल पर रखी थी तो कहीं गुमटी के बाहर पेट्रोल बिक्री के लिए सजा था।
सबसे चिंताजनक स्थिति घनी आबादी वाले इलाके की है। दुकानों के आसपास घर, बाजार और आवागमन के रास्ते हैं। इन्हीं सड़कों से बच्चे स्कूल आते-जाते हैं। ऐसे स्थान पर ज्वलनशील पेट्रोल को प्लास्टिक की बोतलों में खुले में रखना छोटी सी चूक को बड़ी घटना में बदल सकता है।
आग का एक छोटा स्रोत, शार्ट सर्किट या असावधानी इस पूरे कारोबार के आसपास मौजूद लोगों की जिंदगी खतरे में डाल सकती है। बावजूद इसके यह धंधा लंबे समय से चलता दिखाई दे रहा है।
130 रुपये लीटर में सड़क किनारे पेट्रोल
पुरानी बाजार चितरंजन रोड में पुरानी बाजार मध्य विद्यालय से आगे राजाबाबू सब्जी मंडी के सामने सड़क किनारे कई परचून दुकानों में पानी की बोतलों में पेट्रोल रखा मिला।
दुकानदारों ने बोतलों को टेबल, बेंच या दुकान के बाहर ऊंचे स्थान पर रखा था, ताकि सड़क से गुजरने वाले बाइक सवारों की नजर उस पर पड़े। यहां पेट्रोल करीब 130 रुपये लीटर तक बेचे जाने की बात सामने आई।
इसी मार्ग में केएसएस कॉलेज के गेट के पास गुमटी के बाहर और डॉ. आरबी दास होमियोपैथी क्लीनिक के सामने भी खुले में पेट्रोल बिक्री होती मिली।
थाना चौक के आसपास कई जनरल स्टोरों में भी बोतल बंद पेट्रोल बेचा जा रहा है। नया बाजार के पचना रोड-चांदनी चौक के आसपास भी गुमटी और दुकानों में यही स्थिति दिखी।
पंप की दूरी बनी जरूरत, जरूरत ने खड़ा कर दिया अवैध कारोबार
पुरानी बाजार में करीब 15 वर्ष पहले पेट्रोल पंप बंद होने के बाद स्थानीय लोगों को पेट्रोल-डीजल के लिए मुख्यालय या विद्यापीठ चौक-बड़हिया रोड की ओर जाना पड़ता है। इलाके में बड़ी संख्या में मोटर और बाइक गैराज भी हैं।
पेट्रोल की जरूरत और तत्काल ईंधन की मांग ने पहले कुछ दुकानदारों को बोतल में पेट्रोल बेचने का रास्ता दिया। धीरे-धीरे यह कारोबार परचून और सामान्य दुकानों तक फैल गया। लोगों की सुविधा के नाम पर शुरू हुआ यह सिलसिला अब सार्वजनिक सुरक्षा के लिए जोखिम बनता जा रहा है।
पेट्रोल का भंडारण और बिक्री अधिकृत पेट्रोल पंपों के माध्यम से ही की जा सकती है। खुले में बोतलों में पेट्रोल बेचने का यह तरीका न केवल नियमों के विपरीत है, बल्कि रिहायशी क्षेत्र में आग की गंभीर आशंका भी पैदा करता है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि मुख्य सड़कों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में यह कारोबार चलता रहा और निगरानी तंत्र को इसकी भनक तक नहीं है।
छापामारी कर होगी सख्त कार्रवाई
पेट्रोल की बिक्री की अनुमति सिर्फ अधिकृत पेट्रोल पंपों को है। कोई व्यक्ति या दुकानदार कालाबाजारी के लिए पेट्रोल का भंडारण और बिक्री करता है तो ऐसे स्थानों को चिह्नित कर छापामारी की जाएगी। शहरी क्षेत्र में बोतल बंद पेट्रोल की बिक्री पर रोक लगाने के लिए टीम गठित कर कार्रवाई की जाएगी। - राहुल कुमार, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, लखीसराय
