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Bihar Delimitation: बिहार में पंचायत चुनाव से पहले बदलेगी गांवों की चौहद्दी, डिजिटल मैपिंग शुरू

Published: Mon, 07 Sep 2026 05:48 PM (IST)

बिहार में पंचायत चुनाव से पहले सभी 76 ग्राम पंचायतों और वार्डों की नई चौहद्दी की डिजिटल मैपिंग शुरू हो ...और पढ़ें

बिहार में पंचायत चुनाव से पहले बदलेगी गांवों की चौहद्दी, डिजिटल मैपिंग शुरू (AI Generated Image)

बिहार में पंचायत चुनाव से पहले बदलेगी गांवों की चौहद्दी, डिजिटल मैपिंग शुरू (AI Generated Image)

HighLights

  1. लखीसराय में पंचायत चुनाव से पहले डिजिटल मैपिंग शुरू।

  2. सभी 76 ग्राम पंचायतों की चौहद्दी का डिजिटल सत्यापन।

  3. परिसीमन 2011 की जनगणना पर आधारित होगा।

संवाद सहयोगी, लखीसराय। आगामी पंचायत चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग और पंचायती राज विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। पंचायतों के परिसीमन की प्रक्रिया शुरू होने से पहले जिले की सभी 76 ग्राम पंचायतों और उनके वार्डों की नई चौहद्दी की डिजिटल मैपिंग कराई जा रही है।

परिसीमन के बाद पंचायतों और वार्डों की सीमाओं में बदलाव की संभावना है। ऐसे में नई सीमाओं का असर गांवों के स्थानीय चुनावी समीकरण पर भी पड़ सकता है। जिले के सभी सात प्रखंडों में बीडीओ और बीपीआरओ की निगरानी में राजस्व ग्रामवार चौहद्दी की डिजिटल मैपिंग का काम मोबाइल ऐप के माध्यम से किया जा रहा है।

पहली बार पंचायत परिसीमन की तैयारी में विशेष मोबाइल ऐप का इस्तेमाल किया जा रहा है। संबंधित कर्मियों को प्रत्येक एन्यूमरेशन ब्लॉक की वास्तविक स्थिति का सत्यापन करते हुए उसकी चौहद्दी और आवश्यक विवरण ऐप पर दर्ज करना है। इसमें उत्तर, दक्षिण, पूरब और पश्चिम दिशा सहित अन्य जरूरी जानकारियां अपलोड की जा रही हैं।

2011 की जनगणना के आधार पर होगा परिसीमन

डिजिटल मैपिंग का कार्य पूरा होने के बाद पंचायतों के परिसीमन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। पंचायती राज विभाग ने वर्ष 2011 की जनगणना के आंकड़ों को आधार मानकर ग्राम पंचायतों का परिसीमन कराने का निर्णय लिया है।

इससे पहले पंचायत परिसीमन में वर्ष 1991 की जनगणना के आंकड़ों का इस्तेमाल किया गया था। नई जनसंख्या के आंकड़ों के आधार पर पंचायत और वार्डों की सीमाओं में बदलाव होने की स्थिति में स्थानीय राजनीतिक समीकरण भी प्रभावित हो सकते हैं।

हालांकि, पंचायत परिसीमन को लेकर बिहार के विभिन्न जिलों के मुखिया संघ की ओर से न्यायालय में मामला दायर किया गया है। इस मामले में फैसला अभी लंबित है। इसके बावजूद राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जिले में पंचायतवार नौ बिंदुओं से संबंधित डेटा मोबाइल ऐप पर अपलोड करने का काम जारी है।

10 सितंबर तक पूरा करना है मैपिंग का काम

जिला पंचायती राज पदाधिकारी पम्मी रानी ने जिले के सभी बीडीओ और बीपीआरओ को निर्देश दिया है कि निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 10 सितंबर तक सभी 76 ग्राम पंचायतों के प्रत्येक राजस्व ग्राम की चौहद्दी से संबंधित नौ बिंदुओं का डेटा मोबाइल ऐप पर अनिवार्य रूप से अपलोड कराना सुनिश्चित करें।

इसके लिए प्रखंड एवं पंचायत स्तर के कार्यालय प्रत्येक दिन खुले रहेंगे। संबंधित कर्मियों को मुख्यालय में रहकर निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूरा करने का टास्क दिया गया है।