लखीसराय: 90 दिन में घर-घर पहुंचेगी स्वास्थ्य टीम, हर दिन 6100 लोगों की होगी जांच
लखीसराय जिले में डायबिटीज, उच्च रक्तचाप और कैंसर जैसे गैर संचारी रोगों की समय पर पहचान और उपचार के लिए 90 दिवसीय विशेष अभियान शुरू हुआ है।

90 दिन में घर-घर पहुंचेगी स्वास्थ्य टीम, हर दिन 6100 लोगों की होगी जांच (AI Generated Image)
HighLights
गैर संचारी रोगों की पहचान हेतु 90 दिवसीय अभियान।
प्रतिदिन 6,100 लोगों की घर-घर जाकर स्क्रीनिंग।
जांच का ब्योरा एनसीडी पोर्टल पर दर्ज होगा।
संवाद सहयोगी, लखीसराय। डायबिटीज, उच्च रक्तचाप, हृदयरोग, कैंसर सहित गैर संचारी रोगों की समय रहते पहचान और उपचार को लेकर जिले में बुधवार से विशेष अभियान शुरू हुआ। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वर्चुअल माध्यम से जांच एवं उपचार-चिकित्सा आपके द्वार अभियान का शुभारंभ किया।
जिला मुख्यालय में डीएम शैलेंद्र कुमार, एडीएम नीरज कुमार, डीडीसी सुमित कुमार, सिविल सर्जन डॉ. जेपी सिंह सहित अन्य पदाधिकारियों ने बीपी, शुगर और अन्य स्वास्थ्य जांच कराकर अभियान की शुरुआत की।
- अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर पहुंचकर लोगों की स्क्रीनिंग करेंगी। संभावित मरीजों की पहचान के साथ उन्हें बीमारी से बचाव, खान-पान और उपचार को लेकर आवश्यक परामर्श दिया जाएगा।
- गंभीर अथवा उच्चस्तरीय चिकित्सा की आवश्यकता वाले मरीजों को नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान या उच्चतर केंद्र से जोड़ा जाएगा। यह अभियान 90 दिनों तक चलेगा।
- प्रतिदिन जिले में 6,100 लोगों की स्क्रीनिंग का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने माइक्रो प्लान तैयार किया है। जिले के सभी पीएचसी और सीएचसी स्तर पर भी अभियान शुरू किया गया है।
समय पर पहचान से बीमारी पर लगेगा अंकुश
डीएम शैलेंद्र कुमार ने कहा कि सरकार ने प्रत्येक व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के उद्देश्य से यह व्यापक अभियान शुरू किया है। इससे जिले की सभी पंचायतों और नगर निकायों के लोगों को लाभ मिलेगा।
डोर-टू-डोर स्क्रीनिंग से बीमारी की समय पर पहचान, उपचार और प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि लोग शुरुआती स्तर पर बीमारी की पहचान होने के बाद समय पर इलाज करा सकेंगे।
डीडीसी सुमित कुमार ने सिविल सर्जन सहित स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम को आपसी समन्वय के साथ कार्ययोजना के अनुसार अभियान को सफल बनाने का निर्देश दिया। कार्यक्रम का संचालन डीपीएम सुधांशु नारायण लाल ने किया।
मेडिकल कैंप में पदाधिकारियों-कर्मियों की भी जांच
डीपीएम की निगरानी में समाहरणालय परिसर स्थित मंत्रणा कक्ष के बाहरी परिसर में अस्थायी मेडिकल कैंप लगाया गया। इसमें समाहरणालय के पदाधिकारियों और कर्मियों की बीपी, शुगर सहित अन्य स्वास्थ्य जांच की गई। ईसीजी जांच की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई।
पोर्टल पर दर्ज होगा हर जांच का ब्योरा
अभियान के दौरान स्वास्थ्य कर्मी सामुदायिक स्तर पर लोगों की स्क्रीनिंग करेंगे। जोखिम कारक अथवा बीमारी के संभावित लक्षण मिलने पर आवश्यक परामर्श, उपचार और दवा उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जाएगी।
प्रत्येक व्यक्ति की स्क्रीनिंग और उपचार से संबंधित आंकड़ों की प्रविष्टि एनसीडी पोर्टल पर की जाएगी। इससे मरीजों की पहचान, उपचार और आगे की निगरानी में भी मदद मिलेगी।
