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28 हजार की रिश्वत में गिरफ्तारी के बाद बढ़ीं मुश्किलें, लखीसराय के BPRO का पूरा सेवाकाल खंगाल रही निगरानी

Published: Sat, 10 Oct 2026 01:46 PM (IST)

लखीसराय में 28 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार पंचायती राज पदाधिकारी ब्रजेश कुमार की मुश्किलें बढ़ गई हैं। निगरानी अन्वेषण ...और पढ़ें

28 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार पंचायती राज पदाधिकारी ब्रजेश कुमार।

28 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार पंचायती राज पदाधिकारी ब्रजेश कुमार।

HighLights

  1. पंचायती राज अधिकारी ब्रजेश कुमार रिश्वत में गिरफ्तार।

  2. निगरानी ने अधिकारी का पूरा सेवा रिकॉर्ड मांगा।

  3. नाला निर्माण भुगतान के एवज में ली थी घूस।

जागरण संवाददाता, लखीसराय। पंचायत योजनाओं के भुगतान के एवज में रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार चानन सह हलसी प्रखंड के पंचायती राज पदाधिकारी ब्रजेश कुमार की मुश्किलें अब और बढ़ने लगी हैं।

इस बहुचर्चित मामले में नया मोड़ लेते हुए निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (Vigilance Investigation Bureau) ने आरोपी अधिकारी के खिलाफ उनके पूरे सेवाकाल का संपूर्ण रिकॉर्ड तलब किया है। छह अक्टूबर को निगरानी एसपी की ओर से पंचायती राज विभाग के सचिव को एक आधिकारिक पत्र भेजा गया है।

जिसमें अधिकारी की मूल नियुक्ति, पदस्थापना, सेवा संपुष्टि (Service Confirmation), पूर्व आपराधिक मामलों और किसी भी प्रकार की पुरानी विभागीय कार्रवाई से जुड़ी अद्यतन जानकारी मांगी गई है। गिरफ्तारी के बाद निगरानी द्वारा उठाए गए इस कड़े कदम से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।

नाला निर्माण भुगतान के एवज में मांगी थी 28 हजार घूस; निगरानी के धावा दल ने रंगेहाथ दबोचा था

निगरानी थाना कांड संख्या 108/2026 के विवरण के अनुसार, आरोपी ब्रजेश कुमार पर चानन प्रखंड के बसमतिया गांव में ढक्कन सहित नाला निर्माण योजना की सामग्री और मजदूरी के बकाये भुगतान के नाम पर 28 हजार रुपये रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप था।

  • लखीसराय जिले के चानन और हलसी प्रखंड में पदस्थापित पंचायती राज पदाधिकारी ब्रजेश कुमार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई

  • बसमतिया गांव में नाला निर्माण व मजदूरी भुगतान के एवज में 28 हजार रुपये रिश्वत लेते 15 सितंबर को धावा दल द्वारा किए गए थे गिरफ्तार

  • निगरानी एसपी ने पंचायती राज विभाग के सचिव को पत्र लिखकर अधिकारी की नियुक्ति, पदस्थापना, संपुष्टि व पूर्व रिकॉर्ड का मांगा ब्योरा

  • विशेष निगरानी न्यायालय (भागलपुर) के आदेश पर आरोपी अधिकारी फिलहाल न्यायिक हिरासत में केंद्रीय कारा, भागलपुर में बंद

शिकायतकर्ता रामनारायण साह ने निगरानी ब्यूरो को बताया था कि निर्माण कार्य करीब 75 प्रतिशत पूरा हो चुका था, लेकिन भुगतान के लिए अधिकारी द्वारा अवैध राशि की मांग की जा रही थी। परिवाद पत्र के सत्यापन के बाद 10 सितंबर को निगरानी थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई।

इसके बाद 15 सितंबर को निगरानी के धावा दल ने जाल बिछाकर ब्रजेश कुमार को परिवादी से 28 हजार रुपये घूस लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उन्हें भागलपुर स्थित निगरानी के विशेष न्यायाधीश के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में केंद्रीय कारा भेज दिया गया।

सात बिंदुओं पर मांगा गया हिसाब; अनुसंधान पूरा होने के बाद सौंपे जाएंगे अतिरिक्त साक्ष्य

गिरफ्तारी के बाद निगरानी एसपी ने पंचायती राज विभाग से अधिकारी के सेवा में योगदान की तिथि, जन्मतिथि, वर्तमान व स्थायी पते, सेवा संपुष्टि और अब तक की सभी पदस्थापनाओं का पूरा विवरण मांगा है।

इसके साथ ही उनके विरुद्ध दर्ज अन्य आपराधिक मामलों और अनुशासनात्मक कार्रवाई की स्थिति भी पूछी गई है। हालांकि, पत्र में अभी किसी पुराने आपराधिक मामले के होने की पुष्टि नहीं की गई है, जिसका वास्तविक खुलासा विभाग से आधिकारिक जवाब मिलने के बाद ही होगा।

निगरानी एसपी ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल यह प्राथमिकी और गिरफ्तारी की प्रारंभिक रिपोर्ट है, तथा अनुसंधान पूरा होने के बाद अन्य साक्ष्यों के साथ विस्तृत प्रतिवेदन न्यायालय को सौंपा जाएगा।

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