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एक साथ निकलीं 3 गोतिनियों की अर्थियां, मासूम बेटों ने मां को दी मुखाग्नि, लखीसराय अशोकधाम हादसे में उजड़ गया परिवार

Published: Wed, 19 Aug 2026 11:07 AM (IST)

लखीसराय के अशोकधाम मंदिर भगदड़ में जान गंवाने वाली तीन गोतिनियों की अर्थियां प्रतापपुर गांव से एक साथ उठीं, जिससे ...और पढ़ें

प्रतापपुर गांव में पसरा गहरा मातम; जब मासूम बच्चों ने अपनी-अपनी मां की अर्थी को कंधा दिया तो रो पड़ा पूरा गांव

प्रतापपुर गांव में पसरा गहरा मातम; जब मासूम बच्चों ने अपनी-अपनी मां की अर्थी को कंधा दिया तो रो पड़ा पूरा गांव

HighLights

  1. अशोकधाम भगदड़ में तीन गोतिनियों की मौत।

  2. प्रतापपुर गांव से एक साथ उठीं तीन अर्थियां।

  3. मासूम बच्चों ने सिमरिया घाट पर दी मां को मुखाग्नि।

संवाद सूत्र, हलसी (लखीसराय)। लखीसराय के हलसी प्रखंड अंतर्गत प्रतापपुर गांव में सोमवार को एक ऐसा रूह कंपा देने वाला और हृदयविदारक मंजर देखने को मिला, जिसने पूरे क्षेत्र को गहरे शोक में डुबो दिया। एक ही आंगन से जब तीन गोतिनियों की अर्थियां एक साथ उठीं, तो वहां मौजूद हर शख्स फफक-फफक कर रो पड़ा। अशोकधाम मंदिर परिसर में तीसरी सोमवारी को मची भगदड़ में जान गंवाने वाली हेमलता देवी, ललिता देवी और सविता देवी के पार्थिव शरीर जैसे ही गांव पहुंचे, पूरा माहौल चीख-पुकार और आंसुओं में डूब गया।

Lakhisarai Ashokdham Tragedy 3 Sisters in Law Kids Give Rites (2)

मासूमों ने दिया मां की अर्थी को कंधा, दहल उठा कलेजा

अंतिम यात्रा का सबसे मार्मिक और भावुक कर देने वाला दृश्य तब सामने आया, जब गोरेलाल यादव और रणवीर यादव के छोटे-छोटे मासूम बच्चों ने अपनी मां की अर्थी को कंधा दिया। अपने आंसुओं को पोंछते और बिलखते हुए जब नन्हे हाथ अपनी मां के शव को सहारा दे रहे थे, तो वहां मौजूद ग्रामीणों का कलेजा फट पड़ा। मासूम बार-बार रोते हुए 'मां-मां' पुकार रहे थे। उनकी इस चीत्कार ने पूरे वातावरण को गमगीन कर दिया।

Lakhisarai Ashokdham Tragedy 3 Sisters in Law Kids Give Rites (1)

सिमरिया गंगा घाट पर एक साथ सजीं तीन चिताएं

गांव से एक ही वाहन पर तीनों शवों को रखकर बेगूसराय जिले के पवित्र सिमरिया गंगा घाट ले जाया गया। घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को जब यह पता चला कि तीनों महिलाएं एक ही परिवार की गोतिनियां थीं और अशोकधाम हादसे की शिकार हुई हैं, तो पूरे घाट पर सन्नाटा और मातम छा गया। गंगा तट पर जब एक साथ तीनों चिताओं को सजाया गया, तो वहां उपस्थित हर व्यक्ति की आंखें भर आईं।

Lakhisarai Ashokdham Tragedy 3 Sisters in Law Kids Give Rites (3)

8 और 10 साल के मासूमों ने दी मुखाग्नि

सिमरिया घाट पर देर रात तीनों का अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। मृतका हेमलता देवी को उनके पति सुरेंद्र यादव ने मुखाग्नि दी। वहीं, सविता देवी को उनके 10 वर्षीय पुत्र रविश तथा ललिता देवी को उनके महज 8 वर्षीय बेटे छोटू ने मुखाग्नि दी। जिस उम्र में बच्चों को मां के आंचल की छांव की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, उस उम्र में मां को मुखाग्नि देते समय दोनों मासूमों का रो-रोकर बुरा हाल था। मासूमों के करुण क्रंदन ने पत्थर दिल इंसान को भी झकझोर कर रख दिया।