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लखीसराय में 3 फीट तक घटा गंगा और सहायक नदियों का जलस्तर, दियारा की सड़कें जलभराव से बाहर

Published: Sat, 12 Sep 2026 07:30 PM (IST)

लखीसराय जिले में गंगा और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर लगातार घट रहा है, जिससे बाढ़ प्रभावित इलाकों को राहत ...और पढ़ें

गंगा और सहायक नदियों का जलस्तर घटा(एआई जेनरेटेड तस्वीर)

गंगा और सहायक नदियों का जलस्तर घटा(एआई जेनरेटेड तस्वीर)

HighLights

  1. लखीसराय में गंगा और सहायक नदियों का जलस्तर लगातार घट रहा है।

  2. बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में ढाई से तीन फीट तक पानी कम हुआ।

  3. जिला प्रशासन द्वारा सूखा राशन और पॉलीथिन शीट वितरित किए गए।

संवाद सहयोगी, लखीसराय। जिले में गंगा और उसकी सहायक नदियों के जलस्तर में लगातार गिरावट से बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत मिलने लगी है। बड़हिया और पिपरिया प्रखंड के दियारा क्षेत्रों में ढाई से तीन फीट तक पानी कम हुआ है। घरों से बाढ़ का पानी निकलने लगा है और अधिकांश सड़कों पर आवागमन भी शुरू हो गया है। 

हालांकि रामनगर, राहटपुर, तड़ीपर सहित निचले इलाकों में अब भी बाढ़ का पानी फैला हुआ है। किऊल नदी का जलस्तर तेजी से घट रहा है, जबकि हरुहर में गिरावट की रफ्तार धीमी है। बाढ़ से अवरुद्ध अधिकांश सड़कें भी अब पानी से बाहर निकल गई हैं। 

सूखा राशन और पॉलीथिन शीट का वितरण

बड़हिया टाल क्षेत्र में हरुहर नदी का पानी अब भी फैला हुआ है। पाली और ऐजनी घाट पंचायत के लोगों के लिए नाव ही आवागमन का सहारा बनी हुई है। जिला प्रशासन की ओर से राहत-बचाव कार्य जारी है। प्रभावित परिवारों के बीच सूखा राशन और पॉलीथिन शीट का वितरण किया जा रहा है। 

अब तक 28 हजार से अधिक प्रभावित परिवारों को पॉलीथिन शीट और पांच हजार परिवारों को सूखा राशन उपलब्ध कराया गया है। शनिवार को लखीसराय, सूर्यगढ़ा, बड़हिया और पिपरिया प्रखंड क्षेत्रों में अंचलाधिकारियों की निगरानी में पशु चारा, पॉलीथिन शीट और सूखा राशन वितरित किया गया।

चार पंचायतों में चार हजार पॉलीथिन शीट बांटे

लखीसराय अंचलाधिकारी मणिभूषण कुमार ने बताया कि बालगुदर, अमहरा, मोरमा, गढ़ीविशनपुर और साबिकपुर पंचायत में अबतक चार हजार पालीथिन शीट और साढ़े तीन हजार सूखा राशन पैकेट वितरित किए गए हैं। बाढ़ का पानी तेजी से निकल रहा है। बड़हिया नगर क्षेत्र और टाल क्षेत्र में शनिवार को भी सामुदायिक रसोई के माध्यम से प्रभावित परिवारों को भोजन कराया गया। 

पिपरिया प्रखंड के पिपरिया पंचायत क्षेत्र में भी धीरे-धीरे बाढ़ का पानी निकलने लगा है। पानी में डूबे रामचंद्रपुर विद्युत उपकेंद्र परिसर से लगभग पानी निकल गया है। शनिवार को कर्मियों ने परिसर की साफ-सफाई की। 

उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों में उपकेंद्र से बिजली आपूर्ति फिर शुरू हो जाएगी। वलीपुर और मोहनपुर पंचायत के लोगों को भी राहत मिलने लगी है। हालांकि सुमन चौक के पास अब भी काफी पानी जमा है।

गंगा नौ सेंटीमीटर घटी, मनकठा में खतरे के निशान से 48 सेंटीमीटर ऊपर

मिली जानकारी के अनुसार, हाथीदह में गंगा का जलस्तर 24 घंटे में नौ सेंटीमीटर घटकर 42.96 मीटर पर पहुंच गया है। वहीं किऊल-हरूहर के मनकठा केंद्र पर जलस्तर 41.26 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 48 सेंटीमीटर ऊपर है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। 

गंगा के जलस्तर में गिरावट से दियारा क्षेत्र के ऊंचे स्थानों से पानी तेजी से निकल रहा है। इससे अधिकांश सड़कें पानी से बाहर आ गई हैं। हालांकि निचले इलाकों में जलभराव अब भी बना हुआ है।