बिहार में वंशावली और जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाना हुआ आसान, नोटरी एफिडेविट से ही हो जाएगा काम
राज्य सरकार ने जन्म, मृत्यु और वंशावली प्रमाण पत्र के लिए नोटरी पब्लिक द्वारा निष्पादित शपथपत्रों को मान्यता देने का ...और पढ़ें

जन्म-मृत्यु और वंशावली प्रमाण पत्र के लिए अब नोटरी का शपथपत्र होगा मान्य (AI Generated Image)
HighLights
राज्य सरकार ने नोटरी शपथपत्रों को मान्यता देने का निर्देश दिया।
जन्म, मृत्यु, वंशावली प्रमाण पत्र में अब नोटरी शपथपत्र मान्य।
लोगों को प्रमाण पत्र बनवाने में अब मिलेगी आसानी, तेजी।
संवाद सूत्र, लखीसराय। जन्म, मृत्यु एवं वंशावली प्रमाण पत्र से जुड़े कार्यों में नोटरी पब्लिक द्वारा निष्पादित शपथपत्र को मान्यता देने को लेकर राज्य सरकार ने आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया है। राज्य सरकार के संयुक्त सचिव नीतीश कुमार ने इस संबंध में योजना एवं विकास विभाग, पटना के सचिव तथा जिलाधिकारी, लखीसराय को आदेश पत्र भेजा है।
आदेश में अंचल कार्यालयों में जन्म, मृत्यु एवं वंशावली प्रमाण पत्र से संबंधित कार्यों में नोटरी पब्लिक द्वारा निष्पादित शपथपत्र को मान्यता देने की बात कही गई है।
जानकारी के अनुसार, आरा जिले के अधिवक्ता प्रमोद कुमार राय ने इस संबंध में राष्ट्रपति सचिवालय, नई दिल्ली को आवेदन भेजा था। आवेदन के आलोक में राज्य सरकार के स्तर से कार्रवाई करते हुए संयुक्त सचिव ने संबंधित विभाग एवं अधिकारियों को आदेश जारी किया है।
नोटरी से निष्पादित शपथपत्र को विधि सम्मत मानने का निर्देश
आदेश में मुख्य सचिव के पूर्व निर्देश का हवाला देते हुए कहा गया है कि नोटरी द्वारा पंजीकृत शपथपत्र विधि सम्मत होता है। किसी नोटरी पब्लिक अथवा लेखा प्रमाणक के समक्ष दिए गए शपथपत्र को मान्यता देना सिविल प्राधिकार के लिए बाध्यकारी है।
इसके बावजूद यदि किसी स्तर पर ऐसे शपथपत्र को मान्यता देने में अनावश्यक परेशानी होती है तो उसे दूर करने का निर्देश दिया गया है। इससे जन्म, मृत्यु एवं वंशावली प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अंचल कार्यालय पहुंचने वाले लोगों को शपथपत्र की मान्यता को लेकर होने वाली परेशानी से राहत मिलने की उम्मीद है।
राज्य सरकार के संयुक्त सचिव ने मुख्य सचिव के आदेश के आलोक में उपरोक्त प्रमाण पत्रों से संबंधित मामलों में आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है।
संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि नोटरी पब्लिक द्वारा विधिवत निष्पादित शपथपत्र को नियमानुसार मान्यता प्रदान की जाए, ताकि प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो।
