₹500000 के मुफ्त इलाज पर संकट, लखीसराय जिले में 4.44 लाख पात्रों के पास आयुष्मान कार्ड नहीं
लखीसराय में आयुष्मान भारत योजना के तहत 4.44 लाख पात्र लोगों के पास अभी भी आयुष्मान कार्ड नहीं है, जिससे ...और पढ़ें

₹500000 के मुफ्त इलाज पर संकट, लखीसराय जिले में 4.44 लाख पात्रों के पास आयुष्मान कार्ड नहीं
HighLights
4.44 लाख पात्रों के पास आयुष्मान कार्ड नहीं।
5 लाख तक मुफ्त इलाज का लाभ बाधित।
आधार-राशन कार्ड अंतर, उदासीनता मुख्य बाधाएं।
संवाद सहयोगी, लखीसराय। गंभीर बीमारी के इलाज में गरीब परिवारों को आर्थिक संकट से बचाने के लिए शुरू की गई आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का लाभ जिले के लाखों पात्र लोगों तक अब तक नहीं पहुंच पाया है।
जिले में योजना के तहत चिह्नित 8,76,593 लाभुकों में से केवल 4,31,756 लोगों का ही आयुष्मान कार्ड बन सका है। शेष 4,44,837 लाभुक अब भी कार्ड से वंचित हैं। यानी करीब 50.7 प्रतिशत चिह्नित लाभुकों के पास अब तक कार्ड नहीं है।
ऐसे में बीमारी के समय इन परिवारों के सामने पांच लाख रुपये तक के नि:शुल्क इलाज की सुविधा हासिल करने में परेशानी खड़ी हो सकती है।
योजना के तहत पात्र परिवारों को सरकारी और संबद्ध निजी अस्पतालों में प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक के नि:शुल्क (फ्री) इलाज की सुविधा मिलती है। योजना की शुरुआत 23 सितंबर 2018 को हुई थी।
शिविर लगने के बाद भी अधूरा है कार्ड निर्माण
आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए समय-समय पर सभी पंचायतों में शिविर लगाए जाते हैं। सदर अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और वसुधा केंद्रों पर भी कार्ड बनाने की सुविधा उपलब्ध है।
पात्र लोगों को जागरूक कर शिविर तक लाने की जिम्मेदारी आशा, जीविका, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका और जनप्रतिनिधियों को दी गई है।
इसके बावजूद बड़ी संख्या में लाभुकों का कार्ड नहीं बन पाना योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और पात्र लोगों तक पहुंच बनाने की चुनौती को उजागर करता है।
आधार और राशन कार्ड में अंतर भी बड़ी बाधा
कार्ड निर्माण की प्रक्रिया में कई तरह की तकनीकी और दस्तावेजी समस्याएं सामने आ रही हैं। पात्र लाभुकों के आधार से मोबाइल नंबर लिंक नहीं होने, बच्चों का आधार कार्ड नहीं बनने तथा आधार और राशन कार्ड में नाम अलग-अलग होने के कारण कार्ड बनाने में परेशानी हो रही है।
इसके अलावा, कुछ लाभुकों के दूसरे स्थानों पर रहने और कुछ की उदासीनता के कारण भी कार्ड निर्माण पूरा नहीं हो पा रहा है।
पात्र परिवार के सदस्य आधार कार्ड, राशन कार्ड अथवा प्रधानमंत्री की ओर से संबंधित परिवार को भेजे गए पत्र के आधार पर कार्ड बनवा सकते हैं।
नवविवाहिता और नवजात बच्चों का भी कार्ड बनाया जा सकता है। इसके लिए नवविवाहिता का विवाह प्रमाणपत्र और बच्चों का जन्म प्रमाणपत्र जरूरी है।
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के कई चिह्नित लाभुकों के बाहर रहने के कारण उनके कार्ड नहीं बन पा रहे हैं। आधार से मोबाइल नंबर लिंक नहीं होना, बच्चों का आधार कार्ड नहीं बनना और राशन कार्ड व आधार में नाम का अंतर भी बाधा है। कुछ लोग कार्ड बनवाने के प्रति उदासीन हैं। - मुकेश कुमार, जिला समन्वयक, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, लखीसराय
