किशनगंज के पोठिया में रेलवे दोहरीकरण को लेकर हुई जमीन मापी, एक्सट्रा 25 फीट जमीन की जद में आए कई घर
रेलवे दोहरीकरण कार्य के लिए किशनगंज के पोठिया में भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया तेज हो गई है।

जमीन मापी करती टीम। (जागरण)
HighLights
रेलवे दोहरीकरण कार्य के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया ने पकड़ी गति।
पोठिया में रेलवे स्टेशन से गुमटी तक 25 फीट अतिरिक्त जमीन मापी।
अधिग्रहित भूमि में सरकारी और कुछ निजी घर-जमीन भी शामिल।
संवाद सूत्र, पोठिया (किशनगंज)। रेलवे दोहरीकरण कार्य को लेकर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अब गति पकड़ने लगी है। शुक्रवार को ठाकुरगंज से रेलवे के अधिकारियों के साथ भवन निर्माण विभाग के अधिकारी पोठिया पहुंचे।
अधिकारियों ने पोठिया रेलवे स्टेशन से रेलवे गुमटी तक रेलवे की जमीन से सटे क्षेत्र में घरों व अन्य स्थलों को चिह्नित करते हुए भूमि की मापी की।
बताया गया कि रेलवे द्वारा इस क्षेत्र में चौथी बार जमीन की मापी कराई गई है। आलुआबाड़ी-ठाकुरगंज रेलखंड के पूर्वी हिस्से में रेलवे अपनी उपलब्ध जमीन के अतिरिक्त करीब 25 फीट जमीन ले रही है। इसी अतिरिक्त भूमि की जद में आने वाले घरों व अन्य स्थलों को शुक्रवार को चिह्नित कर उनकी पैमाइश की गई।
पोठिया रेलवे स्टेशन से रेलवे गुमटी तक करीब पौने किलोमीटर के हिस्से में रेलवे की जमीन के बाद ली जाने वाली अधिकांश अतिरिक्त जमीन बिहार सरकार की बताई जा रही है।
नहीं बताई डेडलाइन
वहीं, कुछ निजी जमीन व घर भी इसकी जद में आने की बात सामने आई है। हालांकि, शुक्रवार को मापी के दौरान अधिकारियों ने गृहस्वामियों और जमीन मालिकों को जगह खाली करने के लिए कोई समय सीमा नहीं बताई।
मापी के दौरान कई भू-स्वामी अधिकारियों से यह पूछते नजर आए कि उन्हें कब तक जगह खाली करनी होगी और इसके लिए आगे की प्रक्रिया क्या होगी।
स्थानीय लोगों के बीच भूमि अधिग्रहण और घरों के चिह्नित किए जाने को लेकर चर्चा बनी रही। बताया गया कि इक्का-दुक्का निजी घरों को छोड़ दें तो इस हिस्से में मुआवजे का मामला सीमित ही नजर आ रहा है।
रेलवे की ओर से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ ही अब लोगों की नजर इस बात पर है कि कितनी जमीन अंतिम रूप से अधिग्रहित की जाएगी।
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