'भागो-भागो फिर अजगर आया रे'... बिल में घुसा पानी तो धान के खेत में पहुंचा बड़का सांप; किशनगंज में सहमे लोग
किशनगंज के बहादुरगंज में 10-12 फीट लंबा अजगर लगातार दूसरे दिन दिखा, जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। बारिश ...और पढ़ें

झिलझिली पंचायत के सागवान टोली में दिखा विशालकाय अजगर; शोर मचाते ही धान के खेत में जाकर छिपा
संवाद सूत्र, बहादुरगंज (किशनगंज)। "भागो-भागो... फिर अजगर आ गया!" चीख-पुकार और दहशत का यह नजारा सोमवार को किशनगंज जिले के बहादुरगंज प्रखंड अंतर्गत झिलझिली पंचायत के सागवान टोली में देखने को मिला। गांव के खुले मैदान व खेतों के पास लगातार दूसरे दिन करीब 10 से 12 फीट लंबे विशालकाय अजगर के विचरण करने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। विशाल सांप के खुले में घूमने की खबर से किसान और ग्रामीण इस कदर सहमे हुए हैं कि उन्होंने खेतों की ओर जाना बंद कर दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार को सागवान टोली निवासी एक किसान खुले मैदान में बंधी अपनी गाय को लाने के लिए गया था। तभी अचानक उसकी नजर जमीन पर रेंग रहे भारी-भरकम अजगर पर पड़ी। सामने 'बड़का सांप' देखकर किसान के होश उड़ गए और वह जान बचाकर पीछे भागते हुए जोर-जोर से शोर मचाने लगा। आवाज सुनकर आसपास काम कर रहे ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर मौके पर दौड़े, लेकिन भारी भीड़ और आहट पाकर अजगर तेजी से पास के हरे-भरे धान के खेत में जाकर ओझल हो गया।
पानी भरने से बिल छोड़कर बाहर निकल रहे सांप
स्थानीय निवासी आफाक आलम समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि इससे एक दिन पहले भी इसी अजगर को पास की झाड़ियों में देखा गया था। ग्रामीणों का मानना है कि हालिया दिनों में हुई बारिश के चलते निचले खेतों और पास के मरियाधार में पानी भर गया है। बिलों में पानी समा जाने के कारण अजगर अपने प्राकृतिक ठिकाने से बाहर निकलकर सूखे और ऊंचे स्थानों की तलाश में रिहायशी आबादी की तरफ रुख कर रहा है।
घरों में घुसने का डर, रतजगा करने को मजबूर लोग
धान के खेत में अजगर के छिप जाने से किसानों की चिंता और बढ़ गई है। खेतों में पानी और घनी फसल होने के कारण सांप का सटीक पता लगाना मुश्किल हो रहा है। ग्रामीणों को इस बात का डर सता रहा है कि रात के अंधेरे में अजगर भटककर बस्ती के किसी घर या मवेशियों के बाड़े में न घुस जाए। इस आशंका के चलते ग्रामीण रात में भी ठीक से सो नहीं पा रहे हैं और पहरेदारी करने को मजबूर हैं।घटना की सूचना ग्रामीणों द्वारा तुरंत वन विभाग को दे दी गई है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से पहले क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
