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किशनगंज में 5 नए रेलवे ओवरब्रिज को मंजूरी; जल्द शुरू होगा भूमि अधिग्रहण

Published: Fri, 02 Oct 2026 03:50 PM (IST)

किशनगंज जिले में पांच नए रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के निर्माण को सरकार से मंजूरी मिल गई है, जिससे रेलवे फाटकों पर लगने वाले जाम से लोगों को जल्द राहत मिलेगी।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

HighLights

  1. किशनगंज में पांच नए रेलवे ओवरब्रिज निर्माण को मंजूरी मिली।

  2. भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया जल्द शुरू होगी, यातायात सुगम होगा।

  3. जाम और दुर्घटनाओं से राहत मिलेगी, एंबुलेंस को सुविधा।

अमरेंद्र कांत, किशनगंज। रेलवे फाटक बंद होते ही सड़क पर वाहनों की लंबी कतार और खुलते ही आगे निकलने की होड़ की स्थिति से जिले के लोगों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है।

रेलवे क्रॉसिंग पर वाहनों की रफ्तार रोकने वाली व्यवस्था को खत्म करने के लिए किशनगंज जिले में पांच रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का निर्माण कराया जाएगा। सरकार स्तर से पांचों आरओबी के निर्माण को मंजूरी मिल चुकी है। अब इसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है।

प्रस्तावित आरओबी में एक किशनगंज शहर में, दो ठाकुरगंज प्रखंड और दो पोठिया प्रखंड में बनाए जाएंगे। इन आरओबी के निर्माण से रेलवे क्रॉसिंग पर ट्रेन गुजरने के दौरान सड़क यातायात बाधित नहीं होगा।

वाहन बिना रुके रेलवे लाइन के ऊपर से आवागमन कर सकेंगे। इससे जाम की समस्या कम होने के साथ लोगों का समय भी बचेगा।

फाटक बंद होते ही लगती है वाहनों की कतार

रेलवे फाटक बंद होने का सबसे अधिक असर व्यस्त सड़क मार्गों पर दिखाई देता है। ट्रेन के आने और जाने के दौरान फाटक बंद रहने से दोनों ओर वाहनों की कतार लग जाती है।

कई बार फाटक खुलने के बाद भी वाहनों का दबाव इतना अधिक होता है कि यातायात सामान्य होने में काफी समय लग जाता है। आबादी वाले क्षेत्रों में यह समस्या और गंभीर हो जाती है।

एंबुलेंस और आपात वाहनों को भी मिलेगी राहत

रेलवे क्रासिंग पर जाम का असर सिर्फ आम वाहन चालकों पर नहीं पड़ता, बल्कि एंबुलेंस जैसे आपातकालीन वाहनों को भी इसका सामना करना पड़ता है।

फाटक बंद रहने के दौरान मरीजों को लेकर जा रही एंबुलेंस के फंसने से परेशानी बढ़ जाती है। आरओबी बनने के बाद ऐसे वाहनों को रेलवे फाटक खुलने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

दुर्घटना की आशंका भी होगी कम

रेलवे क्रासिंग और आसपास के आबादी वाले हिस्सों में वाहनों के बढ़ते दबाव के कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। फाटक खुलने के बाद दोनों तरफ से वाहनों के एक साथ आगे बढ़ने से भी यातायात प्रभावित होता है।

आरओबी बनने से सड़क और रेल यातायात अलग-अलग हो जाएगा, जिससे दुर्घटना की आशंका कम करने में मदद मिलेगी।

भूमि अधिग्रहण के बाद आगे बढ़ेगा काम

जिला भू-अर्जन पदाधिकारी अक्षयवट तिवारी ने बताया कि आरओबी निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।

आवश्यक भूमि का अधिग्रहण पूरा होने के बाद निर्माण कार्य को लेकर आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। पांच आरओबी के निर्माण से जिले के प्रमुख रेलवे क्रासिंग पर यातायात व्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है।

पांच आरओबी से बदल जाएगी यातायात व्यवस्था

  • किशनगंज शहर — 1 आरओबी
  • ठाकुरगंज प्रखंड — 2 आरओबी
  • पोठिया प्रखंड — 2 आरओबी

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