दरभंगा की महिला की किशनगंज में हत्या का पर्दाफाश, चार अंतरराज्यीय अपराधी गिरफ्तार
किशनगंज पुलिस ने दरभंगा की महिला गीता देवी की हत्या का दो महीने बाद पर्दाफाश किया है। इस मामले में ...और पढ़ें

दरभंगा की महिला की किशनगंज में हत्या का पर्दाफाश, चार अंतरराज्यीय अपराधी गिरफ्तार
HighLights
किशनगंज में दरभंगा की महिला की हत्या का पर्दाफाश।
अंतरराज्यीय चोर गिरोह के चार सदस्य गिरफ्तार, सामान बरामद।
मुख्य आरोपी नूर आलम पर आठ से अधिक आपराधिक मामले।
संवाद सूत्र, गलगलिया (किशनगंज)। कुलीकोट थाना क्षेत्र के भैसलोटी गांव में शादी समारोह में भाग लेने आई दरभंगा जिले की की एक महिला की हत्या मामले का पुलिस ने करीब दो माह बाद पर्दाफाश कर दिया है। मामले में अंतरराज्यीय चोर गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपितों में पश्चिम बंगाल का एक कुख्यात अपराधी भी शामिल है, जिसके खिलाफ बिहार और पश्चिम बंगाल के विभिन्न थानों में आठ से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पुलिस ने चोरी के सोने-चांदी के जेवरात, पीतल के बर्तन, घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन तथा ताला तोड़ने वाला लोहे का राड बरामद किया है।
एसडीपीओ टू मनोज कुमार सिंह ने बताया कि दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के पछियारी गांव निवासी गीता देवी (50) अपने भाई राजीव पासवान की बेटी की शादी में शामिल होने के लिए 21 अप्रैल 2026 को कुर्लीकोट थाना क्षेत्र स्थित भैसलोटी गांव आई थीं।
शादी संपन्न होने के बाद वह घर पर ही रुक गई थीं। इसी बीच 15 मई 2026 की रात अंतरराज्यीय चोर गिरोह के सदस्य चोरी की नीयत से घर में घुस गए। घर में अकेली मौजूद गीता देवी की नींद खुल गई और उन्होंने विरोध किया। पकड़े जाने के डर से अपराधियों ने गीता की गला दबाकर हत्या कर दी।
इसके बाद घर में रखे सोने-चांदी के जेवरात और अन्य कीमती सामान लेकर फरार हो गए। इस मामले में मृतका के भाई विमल पासवान के आवेदन पर कुलीकोट थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर उनके नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया। तकनीकी अनुसंधान, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल सर्विलांस और सूचना के आधार पर मुख्य आरोपित बंगाल के दार्जिलिंग जिले के नक्सलबाड़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत तोतारबाड़ी निवासी नूर आलम उर्फ मोटो नाजिर को गिरफ्तार किया।
उसकी निशानदेही पर सुखानी थाना क्षेत्र के सातबोलतबा निवासी इसराइल उर्फ मैल्ला उर्फ काना, पोठिया थाना क्षेत्र के तौहीदुल तथा सलामी उर्फ जुनुन को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में बदमाशों ने गीता देवी की हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस ने इनके पास से सोने का हार, कंगन, कानबाली, झुमके, चांदी की पायल, अंगूठी, बिछिया, पीतल के कलश, थाली, कटोरे समेत बड़ी मात्रा में चोरी का सामान बरामद किया है।
वारदात में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन और ताला तोड़ने वाला लोहे का राड भी जब्त किया गया है। एसडीपीओ ने बताया कि जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह पहले घरों और मंदिरों की रेकी करता था। सुनसान या अकेले लोगों को निशाना बनाकर रात में चोरी की वारदात को अंजाम देता था। चोरी के बाद सामान को बंगाल और अन्य राज्यों में ठिकाने लगाया जाता था।
उन्होंने बताया कि मुख्य आरोपित नूर आलम एक शातिर अपराधी है और उसके खिलाफ बिहार व पश्चिम बंगाल के विभिन्न थानों में चोरी समेत कई संगीन मामलों में आठ से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। कहा कि कार्रवाई में शामिल एसआइटी, डीआइयू और विभिन्न थानों की पुलिस टीम को पुरस्कृत किया जाएगा।
