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किशनगंज के स्कूलों में 1 अक्टूबर से नहीं पका भोजन! वेंडरों का भुगतान रुका, बहादुरगंज में बच्चों का टिफिन बना सहारा

Published: Thu, 08 Oct 2026 07:00 AM (IST)

किशनगंज के बहादुरगंज प्रखंड में 1 अक्टूबर से प्राथमिक व मध्य विद्यालयों तथा मदरसों में मध्याह्न भोजन योजना बंद है। ...और पढ़ें

मध्य विद्यालय नटुआपाड़ा में मध्याह्न भोजन बंद रहने पर घर से लाया टिफिन सहपाठियों के साथ शेयर कर खाते बच्चे

मध्य विद्यालय नटुआपाड़ा में मध्याह्न भोजन बंद रहने पर घर से लाया टिफिन सहपाठियों के साथ शेयर कर खाते बच्चे

HighLights

  1. बहादुरगंज में 1 अक्टूबर से मध्याह्न भोजन योजना ठप।

  2. वेंडरों को 4-5 माह से राशि का भुगतान नहीं हुआ।

  3. बच्चे घर से टिफिन लाकर स्कूल में खा रहे भोजन।

संवाद सूत्र, बहादुरगंज (किशनगंज)। बिहार के किशनगंज जिले अंतर्गत बहादुरगंज प्रखंड के अधिकांश प्राथमिक व मध्य सरकारी विद्यालयों तथा पंजीकृत मदरसों में बीते एक अक्टूबर से मध्याह्न भोजन (एमडीएम) योजना पूरी तरह बंद पड़ी है।

विभाग से पिछले चार-पांच महीनों से एमडीएम मद में राशि का आवंटन नहीं होने के कारण वेंडरों को बकाया राशि का भुगतान नहीं हो सका। इसके चलते राशन एवं अन्य आवश्यक खाद्य सामग्री की आपूर्ति ठप हो गई है।

  • किशनगंज जिले के बहादुरगंज प्रखंड के अधिकांश प्राथमिक, मध्य विद्यालयों व मदरसों में 1 अक्टूबर से मध्याह्न भोजन (MDM) योजना ठप

  • एमडीएम मद में पिछले 4-5 महीनों से राशि नहीं मिलने के कारण वेंडरों का भुगतान बकाया, खाद्य सामग्री की आपूर्ति पूरी तरह प्रभावित

  • 5 अक्टूबर को वर्चुअल आवंटन की घोषणा के बावजूद अब तक विद्यालयों के बैंक खातों में नहीं पहुंची है आवंटन की राशि

  • भोजन बंद होने के बाद भी बच्चों की उपस्थिति पर असर नहीं, अभिभावक घर से टिफिन देकर भेज रहे स्कूल, बच्चे दोस्तों संग खा रहे खाना

यद्यपि सरकार द्वारा आगामी पांच अक्टूबर को वर्चुअल माध्यम से आवंटन जारी करने की घोषणा की गई थी, लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी राशि अब तक विद्यालयों और मदरसों के खातों में हस्तांतरित नहीं हो सकी है।

बकाया भुगतान के बाद ही शुरू हो सकेगा भोजन, वेंडरों ने सप्लाई से खींचे हाथ

विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों एवं मदरसों के प्रधान मौलवियों का कहना है कि वेंडरों का महीनों का बकाया भुगतान होने के बाद ही खाद्य सामग्री की आपूर्ति सामान्य हो सकेगी और एमडीएम दोबारा शुरू किया जा सकेगा।

बिना राशन और राशि के बच्चों के लिए रोजाना दोपहर के भोजन का प्रबंध करना असंभव साबित हो रहा है। इसके चलते प्रखंड भर के हजारों स्कूली बच्चे सरकारी स्तर पर मिलने वाले पोषक दोपहर के भोजन से वंचित हो गए हैं।

एमडीएम बंद होने पर भी पढ़ाई का जुनून कायम, घर से टिफिन लेकर पहुंच रहे मासूम

मध्याह्न भोजन बंद होने का असर बच्चों की पढ़ाई और विद्यालय में उनकी उपस्थिति पर नहीं दिख रहा है। बच्चे रोज की भांति नियमित रूप से विद्यालय पहुंच रहे हैं। बच्चों को दोपहर तक भूखा न रहना पड़े, इसके लिए चिंतित अभिभावक स्वयं घर से ही बच्चों को टिफिन बॉक्स में खाना देकर भेज रहे हैं।

मध्य विद्यालय नटुआपाड़ा में बुधवार को दर्जनों बच्चे घर से टिफिन लेकर पहुंचे और लंच ब्रेक के समय सहपाठियों के साथ मिलकर मुस्कुराते हुए अपना भोजन साझा किया।

 

"एमडीएम मद में 4-5 माह से राशि नहीं मिलने के कारण वेंडरों को भुगतान नहीं हो पाया है, जिससे राशन सामग्री की आपूर्ति रुक गई है। सरकारी खाते में राशि आते ही वेंडरों का भुगतान कर मध्याह्न भोजन पुनः सुचारू रूप से शुरू कर दिया जाएगा।"

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— प्रधानाध्यापक एवं प्रधान मौलवी, बहादुरगंज (किशनगंज)