चाय दुकान बनी रिश्वत का अड्डा : किशनगंज में फिर रंगे हाथ पकड़े गए बाबू, ऐसे बिछाया गया था जाल
किशनगंज में सरकारी दफ्तरों में रिश्वतखोरी जारी है, जहां अधिकारी अब चाय की दुकानों को लेन-देन का सुरक्षित स्थान बना ...और पढ़ें

किशनगंज में रिश्वतखोरी का मामला।

समय कम है?
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शुभजीत शेखर, किशनगंज। लगातार निगरानी कार्रवाई के बावजूद सरकारी दफ्तरों में रिश्वतखोरी थमने का नाम नहीं ले रही है। अब स्थिति यह है कि कई सरकारी कर्मी कार्यालय या आवास के बजाय चाय दुकानों को लेन-देन के लिए सुरक्षित स्थान मानने लगे हैं। हाल के दिनों में तीन बाबुओं को चाय दुकान से ही गिरफ्तार किया गया है।
दो दिन पूर्व खनन विभाग के प्रधान लिपिक अशोक कुमार चौधरी और परिचारी सरोज को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते एक चाय दुकान से रंगे हाथ पकड़ा गया। इससे पहले 2 दिसंबर 2025 को निगरानी विभाग की टीम ने किशनगंज अंचल के राजस्व कर्मचारी राजदीप को करीब ढाई लाख रुपये घूस लेते अंचल कार्यालय के बाहर स्थित चाय दुकान के समीप से गिरफ्तार किया था।
पहले भी हो चुकी हैं कई गिरफ्तारियां
किशनगंज में घूसखोरी के खिलाफ निगरानी विभाग की कार्रवाई नई बात नहीं है। 10 जुलाई 2025 को दौला पंचायत के अमीन निरंजन कुमार को एक लाख रुपये रिश्वत लेते पकड़ा गया था। इस मामले में बलिया मंझौक के मोहम्मद अजमेर आलम ने शिकायत दर्ज कराई थी।
वर्ष 2023 में भी कई चर्चित मामले सामने आए। 27 अगस्त 2023 को 13 सदस्यीय निगरानी टीम ने आरईओ वन के कार्यपालक अभियंता, एक अकाउंटेंट और एक निजी अभियंता के किराये के आवास पर छापेमारी की थी। अप्रैल 2023 में परिवहन विभाग के एक प्रवर्तन अवर निरीक्षक के आवास पर आय से अधिक संपत्ति के मामले में कार्रवाई हुई थी। जून 2023 में भवन निर्माण विभाग के प्रभारी कार्यपालक अभियंता को 1.10 लाख रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया था।
चाय दुकान पर ही होता है सत्यापन
सूत्रों के अनुसार, खनन विभाग में हाल में स्थानांतरित हुए प्रधान लिपिक के खिलाफ शिकायत मिलने पर निगरानी टीम ने चाय दुकान पर ही बातचीत का वीडियो सत्यापन किया। रुपये के लेन-देन के दिन दोनों आरोपित पकड़े गए। दरअसल, दफ्तरों में सीसीटीवी कैमरे लगे होने के कारण अब कई कर्मी अवैध लेन-देन बाहर करने लगे हैं। इसी वजह से चाय दुकानें रिश्वतखोरी का नया ठिकाना बनती जा रही हैं।
