संवाद सहयोगी, किशनगंज : पिछले कुछ दिनों से लगातार ठंड बढ़ने से अस्पतालों में मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है। ऐसे में थोड़ी-सी लापरवाही बरतने पर लोगों का बीमार होना तय है। सर्दी में खासकर बुजुर्ग और बच्चों का खास ख्याल रखना पड़ता है। अगर लापरवाही बरती गई तो इन पर यह मौसम ज्यादा प्रभाव डालता है और बीमार कर देता है। सरकारी और निजी अस्पतालों में इन दिनों निमोनिया, वायरल फीवर, कोल्ड डायरिया, सर्दी, खांसी, वोमिटिग के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है।

सदर अस्पताल के चिकित्सा पदाधिकारी व हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. राहुल कुमार ने बताया कि ठंड के मौसम में स्ट्रोक, हार्ट अटैक, हाई बीपी की भी शिकायत ज्यादा होती है। ठंड में बीपी बढ़ता है। जिससे हार्टअटैक और ब्रेन स्ट्रोक का खतरा ज्यादा होता है। इससे बचने के लिए बीपी मानिटर रेगुलर करना चाहिए। अगर यदि कोई बीपी का दवाई पहले से ले रहे हैं तो वह तो जरूर जांच करवाते रहें। स्ट्रोक से बचने के लिए नहाते समय डायरेक्ट सिर पर पानी ना डालें। पहले शरीर के अन्य हिस्सों को धुलें फिर बाद में सिर पर पानी डालें। जिन्हें अस्थमा की शिकायत है उन्हें भी काफी एहतियात बरतने की आवश्यकता है। ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़े के साथ सिर को ढकना जरूरी है। ज्यादा ठंड होने पर बाहर कम निकले और रूम के तापमान को गर्म रखें। बता दें कि शीतलहर बढ़ते ही सदर अस्पताल में अन्य मरीजों के साथ साथ हार्ट अटैक और स्ट्रोक के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। सदर अस्पताल में इन मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर किया जाता है।

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