संवाद सहयोगी, किशनगंज : नवरात्र के छठे दिन गुरुवार को मंदिरों में मां कात्यायनी की पूजा की गई। देवी दुर्गा के नौ स्वरुपों में मां कात्यायनी की अराधना करने वाले भक्तों को शुभ फल की प्राप्ति होती है। साथ ही सुखी जीवन का आर्शीवाद भी प्राप्त होता है। यह जानकारी गुरुवार को पंडित विजय झा ने दी।

उन्होंने बताया कि नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा अर्चना के लिए लाल रंग के कपड़े पहन कर भक्तजनों ने मां कात्यायनी की पूजा अर्चना की। इसके बाद कलश का पूजन करने के बाद पीले रंग के फूलों से विशेष पूजा अर्चना किए गए। पूजा के पश्चात वंदना मंत्र कात्यायनी महामाये, महायोगिन्यधीश्वरी नंदगोपसुतं देवी, पति मे कुरु ते का जाप किया गया। पूजा के अंत में माता को पीले रंग के फल और मिष्ठान का भोग लगाया गया। मां कात्यायनी की विधि-विधान पूर्वक पूजा करने से सुखद वैवाहिक जीवन का आर्शीवाद प्राप्त होता है। इसके साथ सभी प्रकार की मनोकामनाएं भी पूर्ण होती है। जिन भक्तों के जीवन में विवाह से संबंधित समस्या रहती है। इस दिन पूजा के बाद हल्दी की गांठे माता को अर्पित करने के बाद उन्हें उत्तम फल की प्राप्ति होती है। मां कात्यायनी अमोघ फलउायिनी है। इस दिन साधक का मन आज्ञा चक्र में स्थित रहता है। योग साधना में इा आज्ञा चक्र का विशेष स्थान है। साधक इस लोक में रहते हुए भी अलौकिक तेज से युक्त रहता है।

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