संवाद सूत्र, कोचाधामन(किशनगंज) : प्रखंड क्षेत्र में बुधवार की संध्या लोगों ने चौरचन (चौठचंद्र) की पूजा बड़ी आस्था के साथ किया।

जिसमें लोगों ने उदयमान चंद्र को अ‌र्घ्य दिया। इस संबंध में रुहीया गांव के राम दुलारी देवी ने बताया कि मिथिलांचल में लोग इस पूजा को बड़े धूमधाम से मनाते हैं। लोग विधि-विधान के साथ चंद्रमा की पूजा करते हैं। इसके लिए घर की महिलाएं पूरा दिन व्रत करती हैं और शाम के समय चांद के साथ गणेश जी की पूजा करती हैं। सूर्यास्त होने और चंद्रमा के प्रकट होने पर घर के आंगन में सबसे पहले अरिपन (कच्चे चावल को पीसकर बनाई जाने वाली अल्पना या रंगोली) बनाया जाता है। उस पर पूजा-पाठ की सभी सामग्री रखकर गणेश तथा चांद की पूजा की जाती है। इस पूजा-पाठ में कई तरह के पकवान जिसमें खीर, पूड़ी, पिरुकिया (गुझिया) और मिठाई में खाजा-लड्डू तथा फल के तौर पर केला, खीरा, शरीफा, संतरा आदि चढ़ाया जाता है। घर की बुजुर्ग स्त्री या व्रती महिला आंगन में बांस के बने बर्तन में सभी सामग्री रखकर चंद्रमा को अर्पित करती है।

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