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संवाद सूत्र, पहाड़कट्टा(किशनगंज) : गत अगस्त माह में पर्याप्त बारिश नही होने से धान के खेत सुख गए थे। जिस कारण अब खेत में बरसाती घास निकल आए है, जो किसानों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। प्रखंड क्षेत्र के अलग-अलग गांव के किसानों ने बताया कि गत अगस्त माह में पर्याप्त वर्षा नहीं होने से धान का खेत सुखकर दरारें पड़ गई थी। नतीजतन धान के खेत में अब बरसाती घास उग गया है। जिससे धान के विचरे खराब हो रहे हैं। वहीं इसकी कमठोनी करने में प्रति एकड़ लगभग 40 मजदूर लग जाते है। किसान मु. जहरूल हक, मदन लाल हरिजन, नईमुद्दीन, डॉ. जलाल, मु. इकबाल, मु. नसर आलम, विमल मुर्मू तथा रफीक आलम सहित दर्जनों किसानों बताया कि खेती ही हमलोगों के लिए आमदनी का एक मात्र स्त्रोत है। अपने परिवार का भरण-पोषण सहित अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई का दारोमदार हमारे खेती-बाड़ी पर ही निर्भर है। लेकिन खेती में लागत बढ़ जाने से अब किसानों के लिए खेती घाटे का सौदा साबित हो रही है। इसका मुख्य कारण यह है कि सरकारी स्तर पर किसानों के लिए ¨सचाई व्यवस्था नहीं है। सरकारी योजनाओं का कोई लाभ किसानों को नहीं मिल पा रही है। खेतीबाड़ी करने के लिए पुरी तरह आसमानी बारिश पर निर्भर रहना पड़ता है। लेकिन समय पर वर्षा नहीं होने से फसल खराब हो जाता है। प्रखंड क्षेत्र में सरकारी स्तर पर लगाए गए नलकूप विभाग के द्वारा उचित रखरखाव नही किए जाने से वर्षो से खराब पड़ा है। जिसका खामियाजा क्षेत्र के किसानों को भुगतना पड़ रहा है।

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