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संवाद सूत्र, बहादुरगंज (किशनगंज) : पिछले साल अगस्त में आई भीषण बाढ़ की त्रासदी से अब तक लोग उबर नहीं पाए हैं। वहीं प्रशासन सहित जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के कारण आज भी लोग आवागमन का संकट झेल रहे हैं। बाढ़ से

जगह-जगह कटी हुई सड़कें व ध्वस्त पुल पुलिया का नहीं बनना जनप्रतिनिधियों के विकास की पोल खोलने के लिए काफी है। पिछले साल प्रखंड के दारूल उलुम चौक से कटहलबाड़ी जाने वाली प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क स्थित मदरसा चौक भौरादह से भौरादह-बागीचा गांव होते हुए गांगी जाने वाली प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क अंतर्गत बगीचा गांव समीप सड़क कटाव के साथ पुल ध्वस्त हो गया था। परंतु जनप्रतिनिधि व प्रशासन की उदासीनता के कारण कटी सड़क व धवस्त पुल आज भी यथावत स्थिति में है। जिससे लोगों को आवागमन करने में काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। वैसे लोगों के आवागमन को लेकर प्रशासन के द्वारा डायवर्सन बना दिया गया है। लेकिन यह स्थाई निदान नहीं है। इस क्षेत्र के शाहीद आलम, नैयर आलम, मो. समीम अख्तर, डॉ. अशोक चतुर्वेदी, असफाक आलम, बिनोद कुमार एवं अतुल कुमार सिन्हा सहित अनेकों लोगों का कहना है कि पिछले वर्ष भीषण बाढ़ के त्रासदी में सड़क कटाव के साथ पुल ध्वस्त हो गया था। परंतु एक साल के बाद भी इस मुख्य सड़क की मरम्मति के साथ ध्वस्त पुल का निर्माण नहीं होना समझ से परे है। जबकि हर जनप्रतिनिधि विकास के बीच सड़क व पुल पुलिया की जाल बिछाने की बात करता है। बेहतर होता हमारे रहनुमा इस अति महत्वपूर्ण सड़क व पुल का निर्माण शीघ्र करवा देते। वहीं क्षेत्र के लोगों ने विधायक तौसीफ आलम व सांसद मौलाना असरारूल हक कासमी से उक्त सड़क व पुल निर्माण करने की मांग की है।

Posted By: Jagran