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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 27, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

व्यवसाय शुरू करने के लिए 27 समूहों के बीच साढ़े तेरह लाख का ऋण वितरित

By JagranEdited By:
Published: Wed, 27 Oct 2021 07:38 PM (IST)

संवाद सूत्र ठाकुरगंज (किशनगंज) दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तह

व्यवसाय शुरू करने के लिए 27 समूहों के बीच साढ़े तेरह लाख का ऋण वितरित
व्यवसाय शुरू करने के लिए 27 समूहों के बीच साढ़े तेरह लाख का ऋण वितरित

संवाद सूत्र, ठाकुरगंज (किशनगंज): दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत बुधवार को नगर पंचायत ठाकुरगंज के स्वयं सहायता समूह को उनके मीटिग स्थल पर ऋण उपलब्ध कराई गई। नगर पंचायत ठाकुरगंज के पहल पर उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक शाखा ठाकुरगंज के द्वारा छोटे-छोटे व्यवसाय शुरू करने के लिए 27 स्वयं सहायता ग्रुप को ऋण मुहैया कराया गया ताकि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को अपना व्यवसाय प्रारंभ कर स्वरोजगार व स्वावलंबी बन सके।

इस दौरान उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक (यूबीजीबी) के शाखा प्रबंधक तेजा रंभा ने उक्त योजना के तहत प्रत्येक समूह को 50-50 हजार रुपए कुल 13.50 लाख रुपए का ऋण वितरण किया। इस अवसर पर शाखा प्रबंधक तेजा प्रबंधक ने ऋण वितरण कार्यक्रम में उपस्थित जीविका दीदी को संबोधित करते हुए कहा कि बैंक जरूरतमंदों को ऋण मुहैया करा कर समाज के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को मजबूत करना चाहती हैं। दीनदयाल अंत्योदय योजना का उद्देश्य भी है कि कौशल विकास और अन्य उपायों के माध्यम से आजीविका के अवसरों में वृद्धि कर शहरी गरीबी को कम करना है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत शहरी गरीब परिवारों कि गरीबी और जोखिम को कम करने के लिए उन्हें लाभकारी स्वरोजगार और कुशल मजदूरी रोजगार के अवसर का उपयोग करने में सक्षम करना, जिसके परिणामस्वरूप मजबूत जमीनी स्तर के निर्माण से उनकी आजीविका में स्थायी आधार पर सुधार हो सके। उन्होंने जीविका दीदीयों को प्रति माह सही समय पर ऋण की ़िकस्त जमा करने की बात कही ताकि समूह की अच्छी साख की वजह से जरूरत पड़ने पर इससे अधिक ऋण बैंक आपको दे सके। इस मौके पर नपं ठाकुरगंज के सामुदायिक संगठक शाहबाज आलम, कम्युनिटी रिसर्च पर्सन (सीआररपी) काजल पासवान व दिव्या गिरि सहित गायत्री, बाबा नाम, उजाला, पिपला, देवी, फुलवारी आदि समूहों के सदस्य मौजूद थे।