किशनगंज। बिहार और यूपी के तीनों लोकसभा सीट पर बीजेपी ट्रेल जरूर कर रही है लेकिन परिणाम आना अभी बाकी है। उप चुनाव के परिणाम को 2019 के संदर्भ में देखना सही नहीं होगा। बुधवार को एमजीएम मेडिकल कालेज किशनगंज में मीडिया से बात करते हुए सूबे के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि 2019 में भाजपा की बड़ी जीत होगी। उपचुनाव में अगर पार्टी की हार होती है तो इसकी समीक्षा की जाएगी। बुधवार को एमजीएम मेडिकल कॉलेज के नवनिर्मित निकू(न्यूनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट) व गायनी मॉडलर ओटी का निरक्षण करने पहुंचे बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि उपचुनाव के अपने मुद्दे होते हैं। उपचुनाव केंद्र व राज्य के मुद्दों पर नहीं लड़ा जाता है। हमने राज्य व केंद्र के मुद्दों को ध्यान में रख कर नार्थ ईस्ट के तीन राज्य में अपनी सरकार बनाई है। आम चुनाव के मुद्दे अलग होते हैं। उपचुनाव हमेशा स्थानीय मुद्दों पर लड़े जाते हैं, जिसमें स्थानीय कारण वैरी करता है।

स्वास्थ्य मंत्री ने मेडिकल कॉलेज का किया निरीक्षण

राघोपुर विधायक नीरज कुमार बब्लू के ससुर व विधान पार्षद नीतू ¨सह के पिता के श्राद्ध कर्म में भाग लेने पूर्णिया जाने के क्रम में किशनगंज पहुंचे राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय सीधे एमजीएम मेडिकल कॉलेज पहुंचे। जहां विधान पार्षद डॉ. दिलीप जायसवाल ने स्वास्थ्य मंत्री का स्वागत किया। मेडिकल कॉलेज में मरीजों के लिए बेहतर सुविधा दिए जाने को लेकर बनाए जा रहे वार्डो का निरीक्षण किया। नव निर्मित भवन यानी डी-ब्लॉक में तीन नए वार्ड निकू, गायनी मॉडलर ओटी व चर्म रोग विभाग के निरीक्षण के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में भी इसी तरह की व्यवस्था लागू की जाएगी। खासकर 36 बेड के निकू(न्यूनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट) में नवजात शिशु की निश्शुल्क व्यवस्था को लेकर की गई व्यवस्था की उन्होंने सराहना की। इस दौरान विधान पार्षद सह एमजीएम निदेशक डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल, सिविल सर्जन डॉ. परशुराम प्रसाद, मेडकिल कॉलेज के ट्रस्टी डॉ. इच्छित भारत, डॉ. प्रणय कुमार, डॉ राघवेंद्र ¨सह मौजूद थे।

सरकारी अस्पतालों में रिक्त पड़े चिकित्सकों के पद जल्द भरे जाएंगे -

एक सवाल के जबाब में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जिले के सरकारी अस्पतालों में चिकित्स्कों की कमी को अब दूर कर लिया जाएगा। शीघ्र ही रिक्त पदों पर चिकित्सकों की बहाली करने के लिए सरकार प्रयासरत है। बिहार के सभी सरकारी अस्पतालों के ओपीडी में सभी दवाईयां उपलब्ध है। दवाई की कोई कमी नहीं है। साफ-सफाई में सुधार देखा जा रहा है। सरकार और बेहतर करने का प्रयास कर रही है।

Posted By: Jagran